नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) ने गुरुवार को आरईसी लि. में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया है. कंपनी ने इस अधिग्रहण के लिए 14,500 करोड़ रुपए की राशि सरकार को हस्तांतरित कर दी है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. इस सौदे से सरकार को चालू वित्त वर्ष में 80,000 करोड़ रुपए के विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिली है. पीएफसी और आरईसी दोनों केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी हैं. इनका संयुक्त रूप से सालाना राजस्व करीब 50,000 करोड़ रुपए है. इस अधिग्रहण का मकसद एक ही क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों को मजबूत बनाना है.

अधिकारी ने कहा, ”रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) में सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने के एवज में पीएफसी ने गुरुवार सुबह आरटीजीएस (रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) के जरिये सरकार को 14,500 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया”. अधिकारी ने कहा कि पीएफसी चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजीव शर्मा ने अधिग्रहण पूरा करने के लिए आरटीजीएस रसीद बिजली सचिव ए के भल्ला को को सौंपी. राशि सरकार के खाते में ऑनलाइन हस्तांतरित की गई.

अधिकारी ने कहा कि सरकार की आरईसी में 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी बृहस्पतिवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद पीएफसी के नाम स्थानांतरित कर दी जाएगी.पीएफसी ने इस भुगतान के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारतीय स्टेट बैंक और अन्य से यह राशि जुटाई है.

इससे पहले, 20 मार्च को पीएफसी ने आरईसी लि. के 10-10 रुपए अंकित मूल्य के 103.94 करोड़ इक्विटी शेयर के अधिग्रहण के लिए शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. पीएफसी ने आरईसी का शेयर 139.50 रुपए के भाव पर खरीदा है. इस अधिग्रहण का कुल मूल्य 14,500 करोड़ रुपए है.