LTC Cash Voucher Scheme: लीव ट्रैवेल कंसेशन (LTC) कैश वाउचर स्कीम के तहत इनकम टैक्स में छूट का लाभ अब राज्य सरकार, सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों और निजी कंपनियों के कर्मचारियों को भी मिलेगा.Also Read - ITR Filing Verification: Income Tax Payers को बड़ी राहत, IT विभाग ने लिया एकमुश्त छूट देने का निर्णय

आयकर विभाग ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इस संदर्भ में बयान जारी कर कहा है कि कि केंद्र सरकार के अलावा अन्य कर्मचारियों को भी मान्य एलटीसी के रूप में दोनों तरफ के किराये पर प्रति व्यक्ति अधिकतम 36,000 रुपये नकद भत्ते के भुगतान पर आयकर छूट का लाभ मिलेगा. लेकिन बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट कुछ शर्तों को पूरा करने पर ही मिलेगी. Also Read - LTC Claim: इस तिथि तक रसीद देकर LTC का दावा कर सकेंगे सरकारी कर्मचारी, यहां चेक करें पूरा डिटेल

सीबीडीटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अन्य कर्मचारियों को लाभ (केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अतिरिक्त अन्य सेक्टर के कर्मचारियों को) उपलब्ध कराने के लिये. एलटीसी किराये के बराबर नकद भुगतान को लेकर गैर-केंद्रीय कर्मियों को भी आयकर में छूट देने का फैसला किया गया है. Also Read - सूखे मेवे के कारोबारियों पर IT की छापेमारी, 200 करोड़ रुपये की काली कमाई का पता चला

आयकर विभाग ने इस बारे में ट्वीट कर कहा है, ”एलटीसी किराये के बराबर नकद भुगतान पर आयकर छूट का लाभ अब नॉन-सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलॉइज के लिए भी उपलब्ध है. विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई है.”

जानें -क्या है एलटीसी कैश वाउचर स्कीम

इस योजना से छुट्टी यात्रा के लिए भत्ते का कर-मुक्त भुगतान होता है, जिसमें यात्रा की स्थिति को देखते हुए यात्रा नहीं की जाती है. यह लाभ उन परिस्थितियों के अधीन है, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए वस्तुओं और सेवाओं की खरीद को प्रोत्साहित करना है.

इस स्कीम के लाभ के लिए कौन हैं पात्र?

नॉन-सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलॉइज में राज्य सरकारों, पब्लिक सेक्टर कंपनियों, बैंकों और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के कर्मचारी शामिल होते हैं.