जॉब छूट गई तो किस महीने से निकाल सकेंगे PF का पैसा, कितनी होगी लिमिट, क्या चुकाना पड़ेगा टैक्स? जान लें EPFO के रूल

सैलरी पाने वाले लोगों को 12% रकम PF अकाउंट में कॉन्ट्रिब्यूट करना जरूरी है. वहीं, कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली राशि में से 3.67% EPF में जमा होता है. बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में डाला जाता है.

Published date india.com Published: October 16, 2025 3:28 PM IST
जॉब छूट गई तो किस महीने से निकाल सकेंगे PF का पैसा, कितनी होगी लिमिट, क्या चुकाना पड़ेगा टैक्स? जान लें EPFO के रूल
EPFO ने पार्शियल विड्रॉल के 13 तरह के प्रावधानों को खत्म कर बस 3 कैटेगरी बना दी गई है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से सभी सैलरीड इनकम वाले लोगों को प्रॉविडेंट फंड (PF) की सुविधा दी जाती है. हर सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी का एक PF अकाउंट होता है. इसमें कर्मचारी की बेसिक सैलरी का मिनिमम 12% जमा होता है. इतना ही हिस्सा कंपनी जमा करती है. इस अकाउंट को EPFO मैनेज करती है. भारत में करोड़ों कर्मचारी EPFO से जुड़े हुए हैं.

कितना कटता है PF?
नियमों के मुताबिक, सैलरी पाने वाले लोगों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते की 12% रकम PF खाते में योगदान करना अनिवार्य होता है. वहीं कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली राशि में से 3.67% EPF में जमा होता है. बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा हो जाता है.

EPFO ने PF विड्रॉल के नियमों में दी ढील
EPFO विशेष परिस्थितियों और इमरजेंसी के समय आपको PF अकाउंट से पैसे निकालने की परमिशन भी देती है. हाल में EPFO ने PF विड्रॉल के नियमों में काफी ढील भी दी है. बदलाव के तहत पार्शियल विड्रॉल के 13 तरह के प्रावधानों को खत्म कर बस 3 कैटेगरी बना दी गई है. ये कैटगरी हैं- 1-बीमारी, शिक्षा, शादी, 2. आवासीय जरूरतें और 3. इमरजेंसी. इन 3 कैटेगरी में विड्रॉल अमाउंट की लिमिट 100% कर दी गई है. यानी अब EPFO सब्सक्राइबर अपने प्रॉविडेंट फंड में एम्प्लॉयी और एम्प्लॉयर के हिस्से का 100% पार्शियल विड्रॉल कर सकेंगे.

आइए जानते हैं प्रॉविडेंट फंड से किन परिस्थितियों में कितनी बार और कितना अमाउंट निकाल सकते हैं. बार-बार ट्रांजैक्शन से क्या नुकसान होता है:-

नौकरी छूटने पर कितने महीने बाद निकाल सकेंगे PF का पैसा?
पहले अगर नौकरी छोड़ देते थे या आपकी किन्हीं वजहों से नौकरी चली जाती थी, तो इसके एक महीने बाद आप अपने प्रॉविडेंट फंड अकाउंट से 75% तक अमाउंट निकाल सकते हैं. नौकरी छूटने के 2 महीने या उससे ज्यादा समय तक बेरोजगार रहने पर EPFO आपको PF फंड का पूरा अमाउंट निकालने की परमिशन देती थी. लेकिन अब नियमों में बदलाव हो गया है. EPFO ने अब तय किया है कि अगर एम्प्लॉयी या EPFO मेंबर बेरोजगारी की स्थिति में मैच्योरिटी से पहले EPF का पूरा पैसा निकालना चाहता है, तो 75% बैलेंस तुरंत निकाला जा सकता है. बाकी का 25% अमाउंट बेरोजगारी के 12 महीने बाद ही निकाला जा सकता है. पहले 100% अमाउंट निकालने की अवधि 2 महीने थी.

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25% मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने का नियम क्यों?
EPFO ने तय किया है कि सब्सक्राइबर्स को अपने कॉन्ट्रीब्यूशन अमाउंट का 25% हमेशा मिनिमम बैलेंस के तौर पर EPF अकाउंट में बनाए रखना होगा. ताकि, रिटायरमेंट फंड बना रहे और ब्याज का फायदा मिलता रहे. ये मिनिमम बैलेंस EPF अकाउंट में हर वक्त बरकरार रहना चाहिए.

ऐसे केस में कोई लिमिट नहीं
EPFO ने इसके साथ ही स्पेशल केस में अमाउंट लिमिट भी हटा दी है. EPFO ने बताया कि 55 साल की सर्विस के बाद रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, काम करने में असमर्थता, छंटनी, वॉलेन्टरी रिटायरमेंट या स्थायी रूप से भारत छोड़ने जैसी स्थिति में PF का 100% अमाउंट बिना शर्त के निकाला जा सकता है.

घर खरीदने या बनवाने पर कितना निकाल सकते हैं पैसा?
अगर आप कोई घर खरीदना चाहते हैं या अपने फ्लैट या मकान की मरम्मत करवाना चाहते हैं, तो भी अपने PF से कुछ अमाउंट निकाल सकते हैं. EPFO की शर्तों के मुताबिक, आप अपनी टोटल डिपॉजिट का 90% तक अमाउंट निकालने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. हालांकि, घर खरीदने या मेंटेनेंस के लिए सिर्फ 5 बार ही PF से ट्रांजैक्शन किया जा सकता है.

हायर स्टडीज के लिए
अगर आप नौकरी के साथ-साथ कोई प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं या हायर स्टडीज की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इस केस में भी आप अपने PF से 90% ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. पढ़ाई के लिए आप मैक्सिमम 10 बार PF का पैसा निकाल सकते हैं. पहले बस 3 बार ही पैसे निकालने की लिमिट थी.

मेडिकल इमरजेंसी
अगर आपकी या परिवार में किसी को मेडिकल इमरजेंसी है. इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, तो आप PF अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं. नियमों के तहत आप 7 साल तक नौकरी करने के बाद अपनी हिस्सेदारी का 50% अमाउंट विड्रॉल कर सकते हैं. इस सुविधा का इस्तेमाल मैक्सिमम 3 बार किया जा सकता है.

शादी या दूसरे निजी कारण
इसके अलावा EPFO कुछ विशेष परिस्थितियों में भी प्रॉविडेंट फंड से पैसे निकालने की परमिशन देता है. अगर आप शादी करने जा रहे हैं या परिवार में किसी की शादी के लिए फंड की जरूरत है, तो आप अपने PF अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं, लेकिन ऐसा 5 बार ही किया जा सकता है. साथ ही आपके पास 25% अमाउंट रिजर्व रहना चाहिए.

रिटायरमेंट पर कर सकते हैं ट्रांजैक्शन
रिटायरमेंट के बाद आप अपनी पूरी PF राशि बिना किसी टैक्स के निकाल सकते हैं. रिटायरमेंट से 1 साल पहले 90% राशि निकालने की परमिशन होती है. EPFO व्यक्ति की उम्र 55 साल से ज्यादा होने पर ही रिटायरमेंट मानता है.

ऑनलाइन कैसे निकाले PF के पैसे?

  • EPFO पोर्टल (https://www.epfindia.gov.in/) या उमंग ऐप पर जाएं.
  • UAN और पासवर्ड से लॉगइन करें.
  • होम पेज खुलेगा. ऑनलाइन सर्विस में जाएं.
  • अब ऑनलाइन सर्विसेज पर जाएं वहां ‘क्लेम’ सेक्शन को सेलेक्ट करें.
  • अपना बैंक अकाउंट वेरीफाई करें और फिर ‘Proceed for online claim’ पर क्लिक करें.
  • अब PF एडवांस फॉर्म 19 सेलेक्ट करें.
  • फॉर्म में पैसा निकालने की वजह, कितना पैसा निकालना है, जैसी जरूरी डिटेल भरें.
  • बैंक अकाउंट की चेक या पासबुक की स्कैन कॉपी भी अपलोड करें.
  • आखिर में अपना कंसेंट दें और इसे आधार से वेरीफाई करें.
  • अब पैसे विड्रॉल करने का रीजन बताएं और सबमिट करें.

Umang App से भी हो जाएगा काम

  • Umang App में आधार नंबर या मोबाइल नंबर के जरिये रजिस्ट्रेशन करें.
  • अब “EPFO” सर्विस के ऑप्शन को सेलेक्ट करें.
  • इसके बाद आधार नंबर या मोबाइल नंबर के जरिये लॉगइन करें.
  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें.
  • अब “PF Withdrawal” के ऑप्शन में जाकर “Claim Form” पर क्लिक करें.
  • इसके बाद सभी जरूरी डिटेल्स भरकर सबमिट करें.
  • अब मोबाइल नंबर पर दोबारा आए OTP को दर्ज करें.
  • आपका क्लेम सबमिट हो जाएगा.

कब तक आता है पैसा?
PF अकाउंट से पैसे विड्रॉल के रिक्वेस्ट देने के बाद करीब 7 से 10 वर्किंग डे के अंदर आपके बैंक अकाउंट में पैसे आ जाते हैं. अगर इतने दिन में पैसे नहीं आते हैं, तो हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1425 पर संपर्क कर सकते हैं.

क्या PF ट्रांजैक्शन पर लगता है टैक्स?
एम्प्लॉयी या नौकरी से निकाले गए शख्स को अगर किसी कंपनी में काम करते हुए 5 साल पूरे हो गए हैं. इसके बाद PF ट्रांजैक्शन किया जाता है, तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं बनती. 5 साल का पीरिएड एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकता है. 5 साल का पीरिएड पूरा नहीं होने पर PF से ट्रांजैक्शन किया गया, तो 10% TDS कटता है.

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