नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2030 तक रेलवे आधारभूत ढांचे को 50 लाख करोड़ रुपए की जरूरत है. उन्होंने कहा कि तीव्र विकास एवं यात्री माल ढुलाई सेवा के लिए पीपीपी मॉडल का उपयोग किया जाएगा. उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि रेलवे में ट्रैक और रॉलिंग स्टॉक्स यानी रेल इंजन, कोच व वैगन निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए पीपीपी (निजी-सार्वजनिक साझेदारी) मॉडल अपनाया जाएगा. Also Read - coronavirus से भारत की इकोनॉमी को अब तक का सबसे बड़ा झटका, मूडीज ने GDP रेट 2.5 फीसदी किया

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सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि देश में 657 किलोमीटर मेट्रो रेल नेटवर्क परिचालन में आ गया है. Also Read - EPF से निकासी के नियम बदलेगी सरकार, 75% तक रकम आसानी से ऐसे निकाल पाएंगे

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, रेलवे ढांचागत सुविधा के लिए 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपए निवेश की जरूरत, तेजी से विकास और रेलवे में यात्री तथा माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी मॉडल) का उपयोग किया जाएगा.

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वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार माल वहन के लिए नदी मार्ग का उपयोग करने की परिकल्पना भी कर रही है, ताकि सड़क एवं रेल मार्ग पर भीड़भाड़ के कारण रुकावटें कम हो सकें.