इस राज्य के लोगों को 25 लाख रुपये तक का फ्री इलाज देती है सरकार, जानें क्या है स्कीम और कैसे ले सकते हैं इसका फायदा

राजस्थान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत है. यह योजना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाती है, बल्कि आर्थिक बोझ को भी कम करती है. इस योजना से जुड़ने वाले परिवारों की संख्या अब 1.34 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है.

Published date india.com Published: October 3, 2025 8:31 PM IST
इस राज्य के लोगों को 25 लाख रुपये तक का फ्री इलाज देती है सरकार, जानें क्या है स्कीम और कैसे ले सकते हैं इसका फायदा
इस योजना में भर्ती से पहले 5 दिन और डिस्चार्ज के बाद 15 दिन तक का इलाज, दवाइयां और जांचें भी कवर होती हैं.

आयुष्मान भारत योजना को दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम कहा जाता है. ये देश के सबसे गरीब 40% लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा देती है.केंद्र सरकार ने नेशनल हेल्थ पॉलिसी के तहत 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी.तब पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों ने इस योजना को मानने से इनकार कर दिया था. राज्यों में उनकी खुद की हेल्थ स्कीम चल रही थी. दिल्ली की सत्ता में आने के बाद BJP ने इस स्कीम को लागू किया है.

दिल्ली के लोगों को आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का कैशलेस ट्रिटमेंट मिलता है. पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार अपनी हेल्थ स्कीम ‘स्वास्थ्य साथी’ चलाती है, उसमें भी 5 लाख रुपये तक का कैशलेस ट्रिटमेंट मिलता है. लेकिन, एक ऐसा राज्य है, जहां के लोगों को 5 या 10 लाख का नहीं; बल्कि पूरे 25 लाख रुपये तक का कैशलेस ट्रिटमेंट मिल रहा है.

राजस्थान में कब शुरू हुई ये योजना
राजस्थान सरकार ने राज्य की जनता को सोशल सिक्योरिटी देने के लिए साल 2021 में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की थी. 12 दिसंबर 2023 को राज्य में BJP की सरकार बनी. फिर फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है.

हर पात्र परिवार को मिलता है 25 लाख रुपये का कवर
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है. इसमें एक्सीडेंट इंश्योरेंस के रूप में 10 लाख रुपये तक का बेनिफिट भी शामिल है. इस योजना में भर्ती से पहले 5 दिन और डिस्चार्ज के बाद 15 दिन तक का इलाज, दवाइयां और जांचें भी कवर होती हैं.

1800 से ज्यादा अस्पतालों का नेटवर्क
राज्यभर के 1800 से ज्यादा अस्पतालों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से जोड़ा गया है. इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पताल शामिल हैं.

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कौन ले सकता है इस स्कीम का फायदा?

  • राजस्थान सरकार की इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का राजस्थान का निवासी होना सबसे पहली शर्त है.
  • BPL परिवार, NFSA कार्डहोल्डर, छोटे और सीमांत किसान, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी इस स्कीम का सीधा फायदा ले सकते हैं.
  • इसके साथ ही बाकी परिवार 850 रुपये एनुअल प्रीमियम जमा कर इस योजना से जुड़ सकते हैं.
  • रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल और ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से की जाती है.
  • इस योजना के तहत अब तक 43 लाख से ज्यादा मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है. वहीं, 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के क्लेम सेटलमेंट हुए हैं.

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