Electric Vehicle Policy: महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और तेलंगाना सरकारों के बाद राजस्थान सरकार भी बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति लॉन्च करने के लिए तैयार है. राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग के आयुक्त महेंद्र सोनी ने आईएएनएस को बताया, “ईवी नीति का मसौदा तैयार है और जल्द ही इसे मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा.”Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना अनलॉक के नियमों से व्यापारी संघ नाराज, कहा- कोरोना संक्रमण कम होने के बावजूद सख्ती क्यों?

राज्य सरकार ने हाल ही में कुछ प्रोत्साहनों की घोषणा की, जिसमें शुरूआती अपनाने वालों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की अग्रिम लागत पर सब्सिडी देना और उन्हें बेचे गए वाहन की बैटरी क्षमता के आधार पर राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) की प्रतिपूर्ति की पेशकश करना शामिल है. Also Read - Maharashtra News: उद्धव सरकार का नया फरमान, मोबाइल का कम-से-कम इस्तेमाल करें सरकारी कर्मचारी

सोनी ने कहा कि ये प्रोत्साहन राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहनों (दोपहिया और तिपहिया) की बिक्री का समर्थन करने के लिए हैं और नीति का हिस्सा होंगे. मूल रूप से, इन प्रोत्साहनों की घोषणा बजट सत्र के दौरान सदन में की गई बजट घोषणाओं के एक भाग के रूप में की गई है. Also Read - Electric Vehicle Subsidy: इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सरकार दे रही है बंपर सब्सिडी, जानिए- कैसे लें फायदा?

यहां यह उल्लेख करने की आवश्यकता है कि प्रोत्साहनों को पहले ईवी नीति की घोषणा के रूप में कहा जाता था, हालांकि, विभाग ने आईएएनएस को स्पष्ट किया कि ईवी नीति की घोषणा जल्द ही की जानी है.

राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 3 केडब्ल्यूएच की बैटरी क्षमता वाले तिपहिया वाहन की खरीद पर 10,000 रुपये की राशि, 4 केडब्ल्यूएच बैटरी क्षमता के लिए 15,000 रुपये और 5 केडब्ल्यू से अधिक की बैटरी क्षमता के लिए 20,000 रुपये की प्रतिपूर्ति की जाएगी.

दोपहिया वाहनों के लिए, यह राशि 5 केडब्ल्यूएच से अधिक की बैटरी क्षमता के लिए 10,000 रुपये, 5 केडब्ल्यूएच तक की बैटरी क्षमता के लिए 9,000 रुपये, 4 केडब्ल्यूएच तक 7,000 रुपये और 2 केडब्ल्यूएच तक 5,000 रुपये है.

यह अनुदान राशि सभी इलेक्ट्रिक दुपहिया और तिपहिया वाहनों पर उनकी बैटरी क्षमता के अनुसार देय होगी और 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक खरीदे गए और मार्च 2022 तक पंजीकृत वाहनों पर देय होगी.

जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को वाहन खरीददारों के खाते में एसजीएसटी लाभ खरीद के सात दिन के भीतर जमा कराने को कहा गया है.

परिवहन विभाग के आयुक्त महेंद्र सोनी ने आईएएनएस को बताया, “नई पहल से ईवी की बिक्री को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी जिससे प्रदूषण कम होगा. साथ ही, ईवी की खरीद पर परमिट शुल्क भी माफ कर दिया गया है.”

(IANS)