नई दिल्ली: देश में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दो वक्त का भोजन नसीब हो इसके लिए सालों पहले भारत सरकार राशन कार्ड की योजन लेकर आई थी. वहीं कोरोना महामारी के दौरान कोई भी आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भूखा न सोए इसके लिए ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (One Nation One Ration Card) योजना मोदी सरकार द्वारा लाया गया. Also Read - अगले साल से कम हो जाएगी सरकारी कर्मचारियों की सैलरी? जानें क्या है सच्चाई...

इसके तह जरूरतमंदों तक अनाज व भोजन सामग्री पहुंचाया जाता है. लेकिन भारत सरकार समय समय पर राशन कार्ड के नियमों में बदलाव करती है. नए नियम के मुताबिक अगर किसी शख्स ने 3 महीने तक राशन कार्ड (Ration Card) का इस्तेमाल नहीं किया राशन लेने के लिए तो यह मान लिया जाएगा कि वह व्यक्ति अब सक्षम है. ऐसे में उसे राशन की जरूरत नहीं है और उसका राशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा. Also Read - Ration Card धारकों को सरकार देगी 2500 रुपये, करोड़ों लोगों को मिलेगा इसका लाभ

बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे जरूरतमंदों व राशन कार्ड धारकों तक अनाज की पहुंच हो सके इसके लिए भारत सरकार द्वारा वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम लाया गया. इस योजना के दिशानिर्देश के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति 3 महीने तक राशन का लाभ नहीं लेता है तो उसके राशन को रद्द कर दिया जाएगा और यह माना जाएगा कि वह व्यक्ति सक्षम है. बता दें कि देश के कई राज्य इसपर अमल करना भी शुरू कर चुके हैं. Also Read - Ration Card Latest Update: तीन महीने तक इस्तेमाल नहीं होने पर Ration Card रद्द होने वाली खबर की क्या है सच्चाई?

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा साल 2013 के बादग से अबतक कुल 4.39 करोड़ राशन कार्डों को रद्द किया जा चुका है. भारत सरकार द्वारा यह कदम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों की सही संख्या का अंदाजा लगाने के लिए उठाया है. वहीं राशनकार्ड धारकों का डिजिटल डेटाबेस भी तैयार किया जा रहा है, जिसे आधार से लिंक करना अब अनिवार्य होगा ताकि फर्जी कार्डधारकों का पता लगाया जा सके.