भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने म्यूचुअल फंड कंपनियों पर तरलता का दबाव कम करने से लिए बड़े पैकेज की घोषणा की है. इसके तहत म्यूचुअल फंड कंपनियों को 50,000 करोड़ रुपये की विशेष नकदी सुविधा मिलेगी. ऐसा कई म्यूचुअल फंड कंपनियों के सामने खड़ा भुगतान संकट को देखते हुए किया गया है. Also Read - RBI Governor Economic Package: RBI गवर्नर ने की अहम घोषणाएं, जानें आपको क्या मिला...

आरबीआई के पास ऐसी रिपोर्ट आई थी कि तरलता की कमी की वजह से कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भुगतान रोक दिया था. Special Liquidity Facility Scheme के तहत की गई यह घोषणा आज से ही प्रभावी है. इसके तहत आरबीआई अगले 90 दिनों तक फिक्स्ड रेपो रेट पर रेपो ऑपरेशन करेगा. इस स्कीम के तहत घोषित इस राशि का इस्तेमाल बैंक केवल म्यूचुअल फंड की तरलता जरूरतों को पूरा करने के लिए ही सकेंगे. Also Read - RBI Governor Shaktikant Das Speech: लॉकडाउन में चली रेपो रेट पर कैंची, क्या कम होगी EMI?

केंद्रीय बैंक ने यह फैसला म्यूचुअल फंड कंपनी Franklin Templeton के उस फैसले के बाद लिया है, जिसमें उसने अपने छह म्यूचुअल फंड्स को बंद कर दिया और भुगतान को अनिश्चित काल के लिए टालने की घोषणा कर दी. आरबीआई के इस फैसले के बारे में बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इससे म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा. Also Read - RBI Governor Economic Package: आर्थिक पैकेज को लेकर RBI गवर्नर ने की अहम घोषणाएं , ब्याज दरें कम कीं

रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि इस बढ़ते दबाव के चलते म्यूचुअल फंड कंपनियों को कुछ बांड योजनाओं को बंद करना पड़ा है. इसके और नुकसानदायक प्रभाव भी हो सकते हैं. हालांकि यह दबाव मुख्य तौर पर ज्यादा जोखिम वाले बांड म्यूचुअल फंड तक ही सीमित है जबकि अन्य कंपनियों/योजनाओं की नकदी स्थिति सामान्य है.

बयान में कहा गया है, ‘म्यूचुअल फंड कंपनियों पर नकदी के दबाव को कम करने के लिए उन्हें 50,000 करोड़ रुपये की विशेष नकदी सुविधा (ऋण सहायता) उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है.’ रिजर्व बैंक ने कहा कि वह हालातों को लेकर सतर्क है. कोरोना वायरस के आर्थिक असर को कम करने और वित्तीय स्थिरता को कायम रखने के लिए वह हरसंभव कदम उठा रहा है.

आरबीआई के इस फैसले का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा. सोमवार को शेयर बाजार ने इसका स्वागत किया. इस कारण सेंसेक्स में करीब 600 अंक की बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी भी 9,300 अंक से ऊपर पहुंच गया.