RBI Credit Policy:  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)ने क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की है. अब रेपो रेट छह प्रतिशत की जगह 5.75 प्रतिशत होग. इसी तरह रिवर्स रेपो रेट को 5.75 फीसदी से कम कर 5.50 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे लोगों की EMI कम होने के आसार हैं. रिजर्व बैंक ने लगातार तीसरी बार नीतिगत दरों में कटौती की है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रीयल इस्टेट सेक्टर में नई जान आ सकती है. रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है.

रिजर्व बैंक ने अप्रैल में चालू वित्त वर्ष (2019-20) की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट (Repo Rate) में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी. फरवरी में भी रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी की गई थी.

केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी विकास दर का अनुमान संशोधित कर 7 फीसदी कर दिया है. इससे पहले के अनुमान में जीडीपी ग्रोथ दर 7.2 फीसदी रखी गई थी. वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 3-3.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, वहीं दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति की दर में बढ़ोतरी की आशंका है और यह 3.4-3.7 फीसदी रह सकती है.