भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉ-आपरेटिव (PMC) बैंक पर नियामकीय पाबंदी की समय सीमा छह महीने बढ़ाकर दिसंबर 2021 तक कर दिया। सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज द्वारा पीएमसी के अधिग्रहण कार्य को पूरा करने के लिये यह कदम उठाया गया है.Also Read - भारत के पास है काफी अधिक विदेशी मुद्रा भंडार, रुपये में तेज उतार-चढ़ाव नहीं होने देगा केंद्रीय बैंक : डिप्टी गवर्नर, RBI

संकट में फंसे बैंक के अधिग्रहण का रास्ता साफ करते हुए रिजर्व बैंक ने माह के शुरू में सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज को लघु वित्त बैंक (SFB) स्थापित करने की मंजूरी दे दी थी. Also Read - बैंकों और NBFC को क्रेडिट/डेबिट कार्ड के नियमों का पालन करने के लिए RBI ने तीन माह का और समय दिया

केंद्रीय बैंक ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न कार्यों को पूरा करने के लिये आवश्यक समय पर गौर करते हुए 23 सितंबर, 2019 को जारी निर्देश को एक जुलाई, 2021 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2021 कर दिया गया है, यह समीक्षा पर निर्भर करेगा’’
इससे पहले निर्देश को समय-समय पर संशोधित किया गया था. Also Read - बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के वित्तीय कारोबार में आने से पैदा हो सकती हैं चिंताएं: आरबीआई

गौरतलब है कि बैंक में वित्तीय अनियमितताएं पाये जाने के बाद आरबीआई ने सितंबर, 2019 में पीएमसी के निदेशक मंडल को हटा दिया था। साथ ही कई नियामकीय पाबंदियां लगायी जिसमें ग्राहकों के पैसा निकालने पर सीमा शामिल है. बैंक ने रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल को दिये गये कर्ज की सही जानकारी नहीं दी और उसे छिपाया। उसके बाद से पाबंदियां कई बार बढ़ायी गयी हैं.

शुरू में, केंद्रीय बैंक ने पीएमसी के जमाकर्ताओं को 1,000 रुपये निकालने की अनुमति दी थी, जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति खाता कर दिया गया था.

(भाषा)