मुंबई: जहां एक ओर चर्चा गर्म है कि भारतीय रिजर्व बैंक को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को अधिक ऋण उपलब्ध कराना चाहिए, वहीं अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय बैंक ने विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों के करीब 11,000 बैंक कर्मियों को एमएसएमई क्षेत्र को ऋण बांटने संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि देश की करीब 3,000 बैंक शाखाओं में यह प्रशिक्षण दिया गया. Also Read - Fact Check: क्या RBI ने बंद कर दी 2000 रुपये के नोटों की आपूर्ति? जानिये क्या है इस खबर की हकीकत...

इसके दायरे में देश का हर जिला शामिल है. पिछले तीन साल में इसके लिए 2,000 से ज्यादा विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं. इनमें अधिकतर एमएसएमई क्षेत्र के लिए ही काम करने वाली विशेष बैंक शाखांए हैं. इन शाखाओं पर शाखा प्रबंधकों, वरिष्ठ अधिकारियों, फैकल्टी और स्टाफ कॉलेजों को बहु-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो इसकी जानकारी आगे बैंक कर्मचारियों तक पहुंचाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि महत्वपूर्ण यह है कि इस प्रशिक्षण को सरकार के साथ विचार विमर्श के बाद शुरू किया गया. Also Read - क्या आपने देखा है 20 रुपये का सिक्का? जानें कब तक आएगा आपके पास...किसने किया है इसे डिजाइन...

एमएसएमई मंत्रालय ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभायी. इस प्रशिक्षण को देने का आरबीआई का मकसद छोटे एवं मझोले उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण का निर्माण करना और उन्हें तेजी से ऋण प्राप्त करने में मदद करना है. इस प्रशिक्षण के दौरान बैंक कर्मियों को विशेष किट भी प्रदान की गई जो एमएसएमई क्षेत्र को ज्यादा ऋण बांटने में उनकी मदद करेगी. रिजर्व बैंक के केन्द्रीय निदेशक मंडल की सोमवार को बैठक होनी है. इस बैठक में सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों को आसानी से रिण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा सकता है. Also Read - Mumbai में UP के CM योगी से शिवसेना ने बॉलीवुड और Film City के प्‍लान को लेकर किया सवाल