नई दिल्ली| रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अनुमानों और विश्लेषणों के मुताबिक, ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. रिजर्व बैंक ने रेपो रेट की दर 6.25 फीसदी ही बरकरार रखी है. रिजर्व बैंक ने सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में 0.5 प्रतिशत कटौती की है.Also Read - Cryptocurrency Bill 2021: कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में आएगा क्रिप्टो बिल: वित्त मंत्री

इससे सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है. रिजर्व बैंक ने 2017-18 की पहली छमाही के लिये मुद्रास्फीति 2 से 3.5 प्रतिशत तथा दूसरी छमाही में 3.5 से 4.5 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया. Also Read - सस्ते में सोना खरीदने का आखिरी मौका, आज से ओपन हो रहा है SGB का सब्सक्रिप्शन; जानें इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

जीएसटी के क्रियान्वयन से कुल मिलाकर मुद्रास्फीति पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं. रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि अनुमान को 7.4 प्रतिशत से घटाकर 7.3 प्रतिशत किया. रिजर्व बैंक ने कृषि रिण माफी की होड़ को लेकर आगाह करते हुए कहा कि इससे राजकोषीय स्थिति बिगड़ने और मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम है. Also Read - RBI News Update: आरबीआई के नये मानदंडों से बढ़ सकते हैं एनबीएफसी के एनपीए : ICRA

बैंकों को अपने रोज़मर्रा के कामकाज लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है. तब बैंक रिजर्व बैंक से रात भर के लिए (ओवरनाइट) कर्ज लेने का विकल्प अपनाते हैं. इस कर्ज पर रिजर्व बैंक को उन्हें जो ब्याज देना पड़ता है, उसे रेपो रेट कहा जाता है.