मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. रेपो दर को 4 प्रतिशत पर पूर्ववत रखा गया है. हालांकि, बैंक ने उदार रुख बनाये रखा है. Also Read - अमेरिका की यह बड़ी बाइक कंपनी भारत में बंद करेगी अपने Manufacturing Unit, जानिए क्या हैं कारण

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद कहा कि प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा गया है. उन्होंने केन्द्रीय बैंक के रुख को उदार बनाये रखकर कोविड-19 संकट से पीड़ित अर्थव्यवस्था की मदद के लिए जरूरी होने पर भविष्य में कटौती का संकेत दिया. उन्होंने  बताया कि अब गोल्ड पर कर्ज की वैल्यू बढ़ा दी गई है. अब 90 गोल्ड पर 90 फीसदी तक कर्ज मिल पाएगा. Also Read - कैसे करेंगे पहचान, आपका 2000 या 500 का नोट असली है या नकली, हम बताते हैं, जानिए

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अब भी कमजोर है लेकिन अब धीरे धीरे इकोनॉमी पटरी पर लौट रही है. उन्होंने बताया कि इस बार अच्छी पैदावार का असर ग्रामीण इकोनॉमी पर साफ दिख रहा है.

गवर्नर शक्तिकांत दास ने केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा लिए गए निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि रेपो दर को चार प्रतिशत पर यथावत रखा गया है. इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर भी 3.35 प्रतिशत के स्तर पर बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि एमपीसी ने ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करने के पक्ष में मतदान किया और वृद्धि को समर्थन देने के लिए उदार रुख को जारी रखने की बात कही. आरबीआई ने इससे पहले 22 मई को अपनी नीतिगत दर में संशोधन किया था, जिसके बाद ब्याज दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी.