नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ब्याज दर बढ़ाने की आशंकाएं अब खत्म हो चुकी हैं और अब अगस्त की मौद्रिक समीक्षा बैठक में वह नीतिगत दरों में चौथाई प्रतिशत की कटौती कर सकता है. वित्तीय सेवाएं देने वाली वैश्विक कंपनी बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने रिजर्व बैंक की हालिया नीति को संतुलित बताते हुए कहा कि सार्वजनिक प्रतिभूति बाजार में वृहद जोखिम दूर हो रहे हैं. Also Read - RBI Recruitment 2021: भारतीय रिजर्व बैंक में इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया आज से हुई शुरू, जल्द करें अप्लाई

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बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच ने अगस्त में रिजर्व बैंक द्वारा 25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद जताते हुए कहा, ”हमारा यह मानना जारी रहेगा कि ब्याज दर में वृद्धि की बाजार की आशंकाएं दूर हो चुकी हैं.” आरबीआई ने बुधवार को पेश अपनी मौद्रिक समीक्षा नीति में प्रमुख नीतिगत दरों रेपो रेट 6 फीसदी जबकि रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी ही रखा था. अन्य दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया  गया था. बैंक रेट और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी रेट को भी 6.25 फीसदी पर ही रखा गया था.  उसने चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच मंहगाई दर 5.1 से 5.6  प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया है. इसके साथ ही सीआरआर चार फीसदी और एसएलआर 19.5 फीसदी तय किया गया था. बढ़ते वित्तीय घाटे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और खाद्य महंगाई को  देखते हुए नीतिगत दरों में बदलाव की उम्मीद भी न के बराबर थी. Also Read - RBI Recruitment 2021: 10वीं पास के लिए RBI में इन 841 पदों पर निकली वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया शुरू, जल्द करें अप्लाई

 

इससे पहले वर्ष 2017-18 की छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक की. आरबीआई ने दिसंबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में मुद्रास्फीति में वृद्धि की आशंका को देखते हुए मानक नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया था.