RBI Monetary Policy Review: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन प्रसार और बढ़ती महंगाई के बीच पहले से इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि सेंट्र बैंक अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान ब्याज दरों को स्थिर बनाए रख सकता है. उम्मीदों के मुताबिक, आरबीआई ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है. आरबीआई ने ब्याज दरों में किसी प्रकार का बदलाव न करके, अपने उदार रुख जारी रखा है.Also Read - Bank Holidays In February 2022: फरवरी में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें पूरी लिस्ट

आरबीआई पॉलिसी का ऐलान करते हुए सेंट्रल बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर VAT और एक्साइज ड्यूटी कटौती से महंगाई दर पर असर पड़ा है. प्राइवेट कंजम्प्शन अभी भी प्री कोविड स्तर से नीचे बना हुआ है. इसलिए डिमांड को बढ़ाना जरूरी हो गया है. धीरे-धीरे अर्बन डिमांड में भी बढ़ोतरी हो रही है. साथ ही सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कमी करके तेल के दाम काफी कम कर दिए हैं, तो पट्रोल डीजल में एक्साइज कटौती से भी डिमांड को बूस्ट मिलेगा. साथ ही, दूसरी वेव से रुकी रिकवरी में अब बढ़त हुई है. नए ऑमिक्रोन वायरस से डाउनसाइड रिस्क देखा जा सकता है. Also Read - RBI​ ​Recruitment​ ​2022: आरबीआई ने इन पदों पर निकाली वैकेंसी, आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक

केंद्रीय बैंक ने जीडीपी के लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है. FY21-22 के लिए GDP का लक्ष्य – 9.5% रखा है. FY21-22 Q3; 6.6% पर है. Also Read - 'तीसरी लहर के बावजूद मजबूत हुई भारत की समग्र आर्थिक गतिविधि'

जून 2020 से खाद्य और ईंधन को छोड़कर सीपीआई मुद्रास्फीति की निरंतरता नीतिगत चिंता का एक क्षेत्र है, क्योंकि इनपुट लागत दबावों को तेजी से खुदरा मुद्रास्फीति में स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससेमांग मजबूत होती है.

आईबीआई गवर्नन कहा कि कीमतों पर तत्काल अवधि में दबाव बने रहने की संभावना है. अच्छी रबी फसलों की संभावनाओं को देखते हुए सर्दियों की आवक के साथ सब्जियों की कीमतों में मौसमी सुधार दिखाई देने की उम्मीद की जा रही है.

आरबीआई बैंकों को विदेशी शाखाओं में पूंजी डालने की अनुमति देगा, इसकी पूर्व अनुमति के बिना लाभ प्रत्यावर्तित करेगा.

शक्तिकांतदास ने कहा कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए आरबीआई विकास के आवेगों को व्यापक बनाने, उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा.