RBI On Fixed Deposit: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इससे आपको अपनी FD पर कम ब्याज मिलेगा. इस नए नियम से अब आपको 3-4 फीसदी तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है.Also Read - RBI on KYC Update: आरबीआई ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश, केवाईसी अपडेट करने के लिए ग्राहकों को दें दिसंबर तक का समय

अब आपको FD कराने से पहले तैयारी करनी होगी. इसमें एक छोटी सी गलती भी आपको ब्याज में बहुत भारी पड़ सकती है. आमतौर पर ग्राहक एक बार FD करवा लेता है, अगर वह क्लेम नहीं करता है तो बैंक उस FD को दोबारा बढ़ा देता है. लेकिन अब अगर आपने FD ले ली है और उसके मैच्योरिटी के बाद क्लेम नहीं करते या आगे नहीं बढ़ते हैं, तो बैंक उसकी ओर से आगे नहीं बढ़ेगा. Also Read - RBI Guidelines: आरबीआई ने केवाईसी अपडेट की आड़ में धोखाधड़ी के खिलाफ जारी की चेतावनी

परिपक्वता नियम बदले Also Read - आरबीआई के पीसीए प्रतिबंध हटाने से, यूको बैंक के शेयरों में 10 फीसदी की वृद्धि

आरबीआई ने अपने सर्कुलर में कहा है कि जो ग्राहक एफडी लेते हैं. इसके बाद अगर आप मैच्योरिटी पर क्लेम नहीं करते हैं तो अब बैंक को उस एफडी पर सेविंग अकाउंट में चल रहे ब्याज के आधार पर भुगतान किया जाएगा. कहने का तात्पर्य यह है कि जो भी ब्याज मिलेगा वह बचत खाते के आधार पर मिलेगा जो कि बहुत कम है. यह नया नियम सभी वाणिज्यिक बैंकों, लघु वित्त बैंकों, सरकारी बैंकों और क्षेत्रीय बैंकों पर लागू होगा.

लोग FD इसलिए कराते हैं क्योंकि उन्हें अधिक ब्याज मिलता है. लेकिन अब जनता की जेब कटनी तय है. बचत खाते में अर्जित ब्याज आमतौर पर 3-4 फीसदी होता है. जबकि FD पर यह 5 फीसदी से ऊपर मिलता है.

पहले जब आपकी FD मैच्योर होती थी तो उसके बाद अपडेट नहीं होने पर इस FD को रोलओवर कर दिया जाता था. बैंक ने स्वचालित रूप से आपकी FD को उसी अवधि के लिए बढ़ा दिया है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अगर आप मैच्योरिटी पर पैसा नहीं निकालते हैं, तो आपको इस पर FD का ब्याज नहीं मिलेगा. इसलिए बेहतर होगा कि आप इस राशि को मैच्योरिटी के बाद निकाल लें या इसे FD के रूप में रिन्यू कर दें.