RBI Panel Report: डिजिटल लेंडिंग के दायरे और संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा गठित कार्यकारी समूह अगस्त के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है. मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रिपोर्ट अपने अंतिम चरण में है.Also Read - RBI Penalty: RBI ने इस बैंक पर लगाया 2 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानिए- क्या है मामला?

उन्होंने कहा, डिजिटल ऋण पर समिति की रिपोर्ट अंतिम चरण में है. यह रिपोर्ट इस महीने के भीतर प्रस्तुत की जा सकती है. इसमें अतिरिक्त समय लगा, क्योंकि समिति को परामर्श प्रक्रिया के लिए और समय चाहिए था. Also Read - RBI News: वित्त वर्ष 22 की दूसरी छमाही में 5.03 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी सरकार

दास ने कहा कि रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, आरबीआई रिपोर्ट का अध्ययन, जांच और आगे का काम करेगा. Also Read - आरबीआई ने डब्ल्यूएमए की सीमा 50 हजार करोड़ रुपये तय की

जनवरी में, आरबीआई ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऋण देने सहित डिजिटल ऋण का अध्ययन करने के लिए एक कार्य समूह का गठन किया था.

समिति में आरबीआई के कार्यकारी निदेशक जयंत कुमार दास (अध्यक्ष), आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक, पर्यवेक्षण विभाग, अजय कुमार चौधरी, आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक, भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, पी. वासुदेवन और अन्य शामिल हैं.

कार्य समूह के लिए संदर्भ की शर्तें डिजिटल उधार गतिविधियों का मूल्यांकन करना और आरबीआई द्वारा विनियमित संस्थाओं में आउटसोर्स डिजिटल ऋण गतिविधियों की पैठ और मानकों का आकलन करना एवं वित्तीय स्थिरता, विनियमित संस्थाओं और उपभोक्ताओं के लिए अनियमित डिजिटल उधार द्वारा उत्पन्न जोखिमों की पहचान करना है.

(With IANS Inputs)