नई दिल्‍ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने येस बैंक पर रोक लगाते हुए निकासी की सीमा 50,000 रुपए तय की गई है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. बैंक के ग्राहकों के लिए अपना पैसा निकालने की सीमा 50,000 रुपए तय की गई है. निजी क्षेत्र का बैंक काफी समय से बढ़ते डूबे कर्ज की समस्या जूझ रहा था. Also Read - Bank Holidays: आज से तीन दिन तक बैंक रहेंगे बंद, यहां देखें छुट्टी की पूरी लिस्ट

सूत्रों ने बताया कि इससे पहले दिन में सरकार ने एसबीआई और अन्य वित्तीय संस्थानों को नकदी संकट से जूझ रहे येस बैंक के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है. Also Read - जल्दी करें...17 मई से 5 दिन तक मिलेगा सस्ता सोना, सरकार बेचेगी Cheapest Gold, जानिए कहां और कैसे खरीदें...

मुंबई मुख्यालय वाला येस बैंक अगस्त, 2018 से संकट में है. उस समय रिजर्व बैंक ने बैंक के संचालन और ऋण से जुड़ी खामियों की वजह से तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर को 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने को कहा था. Also Read - Bank Holiday In May: अब मई माह के बचे दिनों में 7 दिन बैंक रहेंगे बंद, यहां देखिए बैंक छुट्टियों की पूरी लिस्ट


तत्कालीन प्रमुख राणा कपूर के उत्तराधिकारी रवनीत गिल के नेतृत्व में बैंक ने संकटग्रस्त रिणों का की सूचना प्रकाशित की. बैंक को मार्च, 2019 की तिमाही में पहली बार घाटा हुआ. येस बैंक ने शुरुआत में दो अरब डॉलर की पूंजी जुटाने की योजना बनाई थी. इस बारे में कई प्रस्तावों पर विचार विमर्श हुआ था, लेकिन कोई सिरे नहीं चढ़ सका था.

खबरों में कहा गया था कि येस बैंक में पूंजी की स्थिति को लेकर मुश्किलों के बीच यह अटकलें चल रही थीं कि क्या किसी निवेश के अभाव में वह मार्च तक न्यूनतम सीमा की जरूरत को पूरा कर पाएगा.

हालांकि, ऐसी भी खबरें आईं कि सरकार ने एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के समूह को येस बैंक के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है. इस दौरान एसबीआई के निदेशक मंडल की बैठक भी हुई. ऐसी भी चर्चाएं रहीं कि एलआईसी से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के साथ मिलकर हिस्सेदारी खरीदने की योजना पर काम करने को कहा गया है. कुल मिलाकर दोनों की येस बैंक में हिस्सेदारी 49 प्रतिशत रहे सकती है.

येस बैंक में एलआईसी पहले ही आठ प्रतिशत की हिस्सेदार है. उल्लेखनीय है कि कुछ सप्ताह पहले इस तरह की अटकलें थीं कि येस बैंक को सरकार उबरने में मदद करेगी. उस समय एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने भी कहा था कि संकट में फंसे बैंक को ‘बंद नहीं’ होने दिया जाएगा.