बात-बात पर UPI करने वाले दें ध्यान! RBI बदलने जा रहा है पेमेंट करने का तरीका, जानें होने वाले नए चेंजेस

RBI यूपीआई ट्रांजैक्शन में बायोमेट्रिक फीचर लागू करने जा रही है, जिससे फेस और फिंगरप्रिंट से पेमेंट ऑथेंटिकेट होगी. यह सुविधा 8 अक्टूबर से लागू होने की संभावना है और आधार में दर्ज बायोमेट्रिक डेटा से यूजर्स का वेरिफिकेशन होगा.

Published date india.com Published: October 7, 2025 9:34 PM IST
RBI UPI Transaction new feature
RBI UPI Transaction new feature

RBI UPI Facial-Finger Recognition: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) यूपीआई ट्रांजैक्शन करने के फीचर में बड़ा बदलाव लाने जा रही है. आरबीआई  यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन के फीचर मे बायोमैट्रिक लाने जा रही है, यानि जैसे आप अपने चेहरे- और फिंगरप्रिंट से मोबाइल का लॉक खोल लेते हैं. पहले फोन को लॉक खोलने के लिए भी पिन ही टाइप करना पड़ता था. अब फेसियल और फिंगरप्रिंट से काम चल जाता है. अभी क्या है, पेमेंट करने वक्त आपको यूपीआई पिन डालना होता है. लेकिन उसी जगह आरबीआई फेसियल-फिंगरप्रिंट डालना पड़ता है. यह फीचर 8 अक्टूबर के दिन से लागू होगी. लेकिन असल सवाल है कि फेसियल-फिंगर डेटा कैसे एड किया जाएगा.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई फीचर  में पेमेंट की ऑथेंटिकेशन (वेरिफिकेशन) भारत सरकार की आधार (Aadhaar) में दर्ज बायोमेट्रिक डेटा से की जाएगी. यानी, यूजर्स का चेहरा या फिंगरप्रिंट उनके आधार डेटा से मैच किया जाएगा, जिसके बाद पेमेंट खुद हो जाएगी. इस फीचर को नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), जो UPI का संचालन करती है, ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल, मुंबई में पेश करेगी, जिसके बाद यूजर्स का चेहरा या फिंगरप्रिंट उनके आधार डेटा से मैच करके पेमेंट की अनुमति मिलेगी. यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों में वैकल्पिक वेरिफिकेशन की सुविधा देने के बाद होगी, जिसमें डिजिटल ट्रांजैक्शनों के लिए वैकल्पिक ऑथेंटिकेशन की अनुमति दी गई थी.

बताते चलें कि आरबीआई गवर्नर ने स्पष्ट किया कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) से होने वाले ट्रांजैक्शन पर फी लगाने से इंकार किया है. बता दें कि पहले आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ​​ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि यूपीआई हमेशा मुफ्त रहेगा, लेकिन उन्होंने कहा था कि यूपीआई के कामकाज से जुड़े खर्चों को किसी को तो वहन करने की जरूरत होगी. वहीं, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, बीते महीने सितंबर में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़कर 19.63 बिलियन हो गई, जिसमें सालाना आधार पर 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

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