Real Estate Sector News: कोरोनावायरस के कहर ने देश की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया. उद्योग धंधों से लेकर बड़े-बड़े सेक्टरों पर इसकी मार पड़ी. करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए और देश को बहुत अधिक आर्थिक तौर पर नुकसान भी पहुंचा. बढ़ती बेरोजगारी और वेतन में कटौती से कई सेक्टरों पर इसकी मार बहुत ज्यादा देखी गई. इसमें से ही एक रियल्टी सेक्टर भी है. रियल्टी सेक्टर अभी तक के अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. Also Read - सरकार के कदम का रियल एस्टेट उद्योग ने किया स्वागत, कहा- राहत पैकेज से घट सकती हैं फ्लैट की कीमतें

हालांकि, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शुल्कों में कटौती के बाद प्रॉपर्टी के रजिस्‍ट्रेशन में 1.3 गुना की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन, 2020-21 का साल रियल एस्‍टेट सेक्‍टर के लिए मुश्किल रहने वाला है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट में यह बात कही गई है. Also Read - अटकी परियोजनाओं में फंसे घर खरीदारों को बड़ी राहत, सरकार ने की 25 हजार करोड़ देने की घोषणा

क्रिसिल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 10 शीर्ष शहरों में रीयल्टी सेक्‍टर की प्राइमरी सेल में 50 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है. क्रिसिल की शोध इकाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि महाराष्ट्र ने दिसंबर तक स्‍टैंप ड्यूटी को पांच फीसदी से घटाकर दो फीसदीकर दिया है. उसके बाद मार्च, 2021 तक स्‍टैंप ड्यूटी तीन फीसदी रहेगी. इसकी वजह से मुंबई और बाकी राज्य में पिछले दो माह के दौरान प्रॉपर्टी के रजिस्‍ट्रेशन में आश्चर्यजनक रूप से 1.1 से 1.3 फीसदी का इजाफा हुआ है. Also Read - देश में रियल एस्टेट बाजार गिरा तो दुबई में निवेश करने लगे भारतीय, 16 हजार करोड़ से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट

हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर 10 शीर्ष शहरों में चालू वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी की बिक्री में 40 से 50 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है. क्रिसिल ने कहा कि अक्टूबर में रियल एस्टेट की मांग में सुधार उम्मीद से कहीं अधिक तेज रहा है. त्योहारी सीजन के बाद यह मांग कैसी रहती है, इसे देखने की जरूरत होगी.

15 साल में यह पहला मौका है जब खरीदार अपनी शर्तों पर घर खरीदने की स्थिति में है. इससे पहले 10-15 साल तक बिल्डर्स और सप्लायर्स का बोलबाला रहा है. बैंक की ब्‍याज दरें बहुत कम हैं. यह पहली बार घर खरीदने वालों को अवसर प्रदान करता है.

रिपोर्ट के अनुसार, देश के बाकी हिस्‍सों के मुकाबले दक्षिण भारत का प्रदर्शन बेहतर है. यहां ब्रांडेड डेवलपर्स की हिस्‍सेदारी ज्‍यादा है. पहली छमाही में टॉप 7 लिस्‍टेड डेवलपर्स की सेल में गिरावट 10-20 फीसदी की रेंज में रही. वहीं, टॉप 10 शहरों में यह 50-60 फीसदी देखने को मिली.

(With Agency Inputs)