नई दिल्ली: 20 साल पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने की प्रस्तावित नीति सरकार संबंधित पक्षों की एक बार राय फिर से लेगी. ये बात केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कही. उन्होंने कहा कि पीएमओ के दिशानिर्देश के मुताबिक, 20 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों को कबाड़ में बदलने की प्रस्तावित नीति पर संबंधित पक्षों की एक बार फिर राय ली जाएगी. गडकरी ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों की राय लेने के बाद उसे मंजूरी के लिए पीएमओ के पास भेजा जाएगा. Also Read - NHAI में काम की सुस्‍त रफ्तार, गडकरी बोले- अक्षम अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का समय

प्रस्ताव का मकसद एक अप्रैल 2020 से ऐसे वाहनों को अनिवार्य रूप से कबाड़ में बदलने का रास्ता साफ करना है. सड़क परिवहन मंत्री गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा, ” पीएमओ ने हमसे संबंधित पक्षों से एक बार और राय लेने को कहा है. अत: हम संबंधित पक्षों, उद्योग तथा उपभोक्ताओं एवं संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श करेंगे.” सभी संबंधित पक्षों की राय लेने के बाद उसे मंजूरी के लिए पीएमओ के पास भेजा जाएगा. Also Read - त्रिपुरा में बनेंगे 9 नेशनल हाईवे, बांग्लादेश तक का सफर होगा आसान, नितिन गडकरी रखेंगे नींव

 वाहनों की कीमत 20 से 30 प्रतिशत तक नीचे आएगी
गडकरी ने कहा कि नीति के मंजूर होने के बाद भारत वाहन विनिर्माण का बड़ा केंद्र बन सकता और कबाड़ से इस्पात, एल्यूमीनियम और प्लास्टिक जैसी चीजें प्राप्त होंगी. इनके रिसाइकिलिंग से वाहनों की कीमत 20 से 30 प्रतिशत तक नीचे आएगी. उन्होंने कहा कि 4.5 लाख करोड़ रुपए के कारोबार के साथ भारत वाहन उद्योग के लिये एक अग्रणी स्थल है. ”मुझे लगता है कि इसमें काफी संभावना है.” Also Read - नितिन गडकरी ने एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में से एक जोजिला टनल निर्माण के लिए 'ब्‍लास्टिंग' से शुभारंभ किया

 2.8 करोड़ वाहनों को सड़क से हटाने का प्रस्ताव किया
बता दें कि सरकार ने मई 2016 में ‘वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण के स्वैच्छिक कार्यक्रम’ (वीवीएमपी) का मसौदा जारी किया था. इसमें एक दशक पुराने 2.8 करोड़ वाहनों को सड़क से हटाने का प्रस्ताव किया गया. सचिवों की समिति (सीओएस) ने मंत्रालय को केंद्र की आंशिक भागीदारी एवं राज्यों की बेहतर भागीदारी के लिये योजना फिर से तैयार करने की सिफारिश की.

( इनपुट- एजेंसी)