नई दिल्ली: कर्ज में डूबे रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने बुधवार को कहा कि कंपनी के अंशधारकों ने कंपनी के लिये कर्ज की सीमा को 50,000 करोड़ रुपये तक सीमित करने को मंजूरी दे दी है.

आरकॉम ने बंबई शेयर बाजार को दी गयी जानकारी में कहा है कि 18 सितंबर, 2018 को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में करीब 90 प्रतिशत अंशधारकों की सहमति से एक विशेष प्रस्ताव के जरिये कर्ज लेने की नई सीमा तय की गई है.

चालीस हजार करोड़ रुपये से भी अधिक के कर्ज में डूबे आरकॉम के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने मंगलवार को ऐलान किया था कि भविष्य में कंपनी भविष्य में दूरसंचार कारोबार से बाहर हो जायेगा और रीयल एस्टेट पर ध्यान केंद्रित करेगी.

(इनपुट: एजेंसी)