नई दिल्लीः देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड इकलौती ऐसी कंपनी है जो हर रोज 100 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाती है. एक विज्ञप्ति ने जानकारी दी है कि उसने बीती तिमाही में 10251 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया. इस तरह से हिसाब लागएं तो यह कंपनी हर रोज 113 करोड़ रुपये का केवल मुनाफा कमाती है. इतना मुनाफा कमाने वाली देश में कोई दूसरी निजी कंपनी नहीं है. सार्वजनिक क्षेत्र में इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOC) किसी तिमाही में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाने वाली कंपनी है. रिलायंस ने कहा है कि बीती तिमाही में उसने पेट्रोरसायन, खुदरा और दूरसंचार बिजनेस से रिकार्ड कमाई की. Also Read - Jio Rs 598 Cricket Plan: Jio लाई धांसू क्रिकेट रिचार्ज प्‍लान, डेटा-कॉलिंग के साथ फ्री में IPL का मजा

मुख्य रूप से पेट्रोलियम रिफाइनरी का कारोबार करने वाली रिलायंस का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा 8.8 फीसदी बढ़कर 10251 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने इसी अवधि में 9420 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था. Also Read - Jio Disney+ Hotstar VIP Plans: Jio के सबसे धांसू प्‍लान, डेटा-कॉलिंग के साथ मिलेगा ये खास फायदा

यह निजी क्षेत्र की किसी कंपनी का सबसे ऊंचा तिमाही मुनाफा है. इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन आयल कॉरपोरेशन (आईओसी) किसी तिमाही में दस हजार करोड़ रुपये से अधिक सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी है. आईओसी ने 2012-13 की जनवरी-मार्च तिमाही में 14,512.81 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया था. आईओसी को पूरे साल की ईंधन सब्सिडी एक तिमाही में मिलने की वजह से उसका मुनाफा असामान्य रूप से बढ़ गया था. Also Read - Jio, Airtel और Vodafone Plan: 400 रुपये से कम के बेस्‍ट रिचार्ज प्‍लान, मिलेगा रोज 1.5GB डेटा और फ्री कॉलिंग

1,71,336 करोड़ का है कारोबार
आलोच्य तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार 56 प्रतिशत बढ़कर 1,71,336 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने तिमाही के दौरान कई और खुदरा स्टोर खोले और उसकी जियो मोबाइल सेवा के ग्राहकों की संख्या में 2.8 करोड़ का इजाफा हुआ जिससे कंपनी के दूरसंचार कारोबार का मुनाफा बढ़ा है. इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से कंपनी के परंपरागत तेल रिफाइनिंग कारोबार का मार्जिन दबाव में रहा.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि अपने देश और अंशधारकों के लिए अधिक मूल्य सृजन के प्रयासों के बीच हमारी कंपनी 10,000 करोड़ रुपये का तिमाही मुनाफा कमाने वाली निजी क्षेत्र की पहली कंपनी बन गई है. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी ने एकीकृत आधार पर मजबूत तिमाही नतीजे दिए हैं.

उन्होंने कहा कि कंपनी ने खुदरा और दूरसंचार कारोबार में तेज वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा. कंपनी के खुदरा कारोबार का कर पूर्व लाभ 210 प्रतिशत बढ़कर 1,512 करोड़ रुपये हो गया. देश के 6,400 शहरों और कस्बों में कंपनी के 9,907 स्टोर हैं. त्योहारी सीजन के दौरान मजबूत बिक्री तथा नए स्टोर खोलने की वजह से कंपनी के खुदरा कारोबार का मुनाफा बढ़ा है.

जियो के हर ग्राहक से इतने रुपये कमाती है रिलायंस
समूह की दूरसंचार इकाई रिलायंस जियो का एकल शुद्ध लाभ तिमाही के दौरान 65 प्रतिशत बढ़कर 831 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इस दौरान कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 28.01 करोड़ हो गई, जो सितंबर तिमाही के अंत तक 25.23 करोड़ थी. जियो की प्रति ग्राहक औसत आय (एआरपीयू) मामूली घटकर 130 रुपये प्रति माह रह गई, जो इससे पहले 131.7 रुपये थी.

कंपनी के पेट्रोरसायन कारोबार का कर पूर्व मुनाफा 43 बढ़कर 8,221 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी परिसर की परिचालक की कर पूर्व आय में लगातार तीसरी तिमाही में गिरावट रही. तिमाही के दौरान कर पूर्व आय 18 प्रतिशत घटकर 5,055 करोड़ रुपये रह गई.

कंपनी को प्रत्येक बैरल कच्चे तेल को ईंधन में बदलने पर 8.8 डॉलर की कमाई हुई. पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर 2017 की तिमाही में कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन 11.6 डॉलर प्रति बैरल था. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन 9.5 डॉलर प्रति बैरल रहा था.

तीसरी तिमाही में कंपनी के तेल एवं गैस कारोबार का का कर पूर्व घाटा कम होकर 185 करोड़ रुपये पर आ गया जो दूसरी तिमाही में 480 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 291 करोड़ रुपये पर था. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि उसने प्रमुख निवेश चक्र को पूरा कर लिया है. 31 दिसंबर, 2018 को कंपनी का बकाया ऋण बढ़कर 2,74,381 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में 2,58,701 करोड़ रुपये और 31 मार्च को समाप्त तिमाही में 2,18,763 करोड़ रुपये था.

कंपनी के पास उपलब्ध नकदी तिमाही के दौरान मामूली बढ़कर 77,933 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछली तिमाही में 76,740 करोड़ रुपये थी. कंपनी ने कहा कि जियो का एकल राजस्व 12.4 प्रतिशत बढ़कर 10,383 करोड़ रुपये हो गया जबकि पेट्रोरसायन उत्पादन 97 लाख टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. कंपनी के खुदरा या रिटेल कारोबार का राजस्व 89 प्रतिशत बढ़कर 35,577 करोड़ रुपये रहा. तीसरी तिमाही में रिलायंस जियो का प्रति ग्राहक औसत डाटा उपभोग बढ़कर 10.8 जीबी तथा वॉयस प्रति ग्राहक 794 मिनट पर पहुंच गया. तिमाही के दौरान कंपनी का कुल वायरलेस डाटा उपभोग 864 करोड़ जीबी और कुल वॉयस ट्रैफिक 63,406 करोड़ मिनट रहा.