मुंबईः नि:शुल्क कॉलिंग और सस्ती दर पर तीव्र मोबाइल इंटरनेट सेवा की पेशकश से भारत के दूरसंचार उद्योग की सूरत बदलने वाले देश के सबसे धनी व्यक्ति एवं रिलायंस उद्योग समूह के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी ने 1100 शहरों में ‘हाईस्पीड’ फिक्स्ड लाइन ब्राडबैंड सेवा शुरू करने की घोषणा की है. उन्होंने ई-कॉमर्स क्षेत्र में उतरने की योजना की भी घोषणा की. अंबानी ने कंपनी की 41वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों से कहा कि ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन जैसे पुराने कारोबार को मजबूत करने के साथ साथ नये क्षेत्रों में कारोबार के विस्तार से समूह की आय 2025 तक दो गुना कर 125 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. Also Read - बड़ी तैयारी: रिलायंस जियो ने 5जी के परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम की मांग की

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ‘जियो गीगाफाइबर सर्विस’ के लिए 15 अगस्त से पंजीकरण शुरू हो जाएगा. हालांकि उन्होंने सेवा की शुरुआत के समय के बारे में नहीं बताया. उन्होंने कहा कि इस सेवा के तहत एक ही फाइबर केबल के जरिये टेलीविजन पर अल्ट्रा हाई डेफिनेशन इंटरटेनमेंट, वॉयस एक्टिवेटेड असिस्टेंस, वर्चुअल रियल्टी गेमिंग, डिजिटल शॉपिंग आदि समेत स्मार्ट होम समाधान भी मुहैया कराये जाएंगे. Also Read - जियो ने विकसित की ‘स्वदेश निर्मित’ 5जी प्रणाली, देश को ‘2जी-मुक्त’ बनाने का लक्ष्य

उन्होंने कहा, ‘‘अब हम 1100 शहरों में घरों, व्यापारियों, छोटे एवं मध्यम उद्योगों और बड़े उद्योगों को सबको एक साथ फाइबर से जोड़ेंगे और सर्वाधिक उन्नत फाइबर-बेस्ड ब्राडबैंड समाधान मुहैया कराएंगे.’’ अंबानी ने कहा कि आने वाले सालों में जियो फिक्स्ड लाइन ब्राडबैंड के मामले में भारत को शीर्ष पांच देशों में से एक बना देगी. उन्होंने इस सेवा की दरों की भी जानकारी नहीं दी. Also Read - कर्जमुक्‍त हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज, मुकेश अंबानी ने 9 माह पहले ही शेयरधारकों से पूरा किया वादा

उन्होंने कहा, ‘‘हम अभी हजारों घरों में इसका बीटा परीक्षण कर रहे हैं. जहां भारत मोबाइल ब्राडबैंड के मामले में पहले स्थान पर पहुंच चुका है, वहीं हम फिक्स्ड-लाइन ब्राडबैंड में काफी पीछे हैं. इस मामले में वैश्विक आधार पर हम 134वें स्थान पर हैं. फिक्स्ड लाइन में खराब ढांचागत संरचना इसका मुख्य कारण है.’’ उन्होंने कहा कि देश भर में मोबाइल एवं ब्राडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल संरचना पहल पर पहले ही 2,50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा चुका है. अब घरों तक फाइबर ब्राडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचेगा.

सितंबर 2016 में शुरुआत के बाद जियो ने देश को सबसे अधिक मोबाइल डेटा की खपत करने वाला देश बना दिया.

अंबानी ने कहा कि जियो के ग्राहकों की संख्या 21.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है जबकि उसने अब तक 2.5 करोड़ से अधिक जियो फोन बेचे हैं. अंबानी ने कम से कम समय में 10 करोड़ जियो फोन उपभोक्ता का भी लक्ष्य तय किया. उन्होंने जियो फोन मानसून हंगामा शुरू करने की भी घोषणा की. यह योजना 21 जुलाई से शुरू होगी और इसके तहत महज 501 रुपये में फीचर फोन के बदले जियो फोन लिया जा सकेगा. उन्होंने दूसरी पीढ़ी के जियोफोन की भी घोषणा की. इसमें फेसबुक, व्हाट्सऐप और यूट्यूब भी होंगे. इसकी बुकिंग 2,999रुपये में 15 अगस्त से की जा सकेगी.

अंबानी ने कहा रिलायंस कंपनी ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां से कारोबार विस्तार करने वाला है. उन्होंने कहा कि अब उपभोक्ता कारोबार भी ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन कारोबार की तरह योगदान देने वाला है. अंबानी ने कहा, ‘‘भारत जब उच्च गति से आर्थिक वृद्धि की यात्रा शुरू करने वाला है और 2025 तक अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना करने वाला है, मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस अवधि में रिलायंस का आकार दोगुने से अधिक होगा.’’

डेटा खपत 128 करोड़ जीबी प्रति माह
उन्होंने कहा कि जियो ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी के रूप में पुनर्परिभाषित किया है. उन्होंने कहा जियो के कारण देश की डेटा खपत 128 करोड़ जीबी प्रति माह से बढ़कर 240 करोड़ जीबी प्रति माह से भी आगे निकल गयी है. अंबानी ने कहा कि कंपनी ऑनलाइन – टू – ऑफलाइन ई – कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार करने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि रिलायंस प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म कंपनी बनते जा रही है, हमें वृद्धि के सर्वाधिक अवसर एक हाइब्रिड यानी ऑनलाइन – टू – ऑफलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करने में दिखते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम रिलायंस रिटेल के बाजार को जियो की डिजिटल संरचना एवं सेवा से जोड़कर ऐसा कर सकेंगे.’’

कंपनी के पारंपरिक कारोबार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रिलायंस विश्व के सबसे बड़े पैराक्सिलीन संयंत्र, पेटकोक गैसीफिकेशन संयंत्र और ऑफ – गैस क्रैकर की शुरुआत करने के साथ ही अपना सबसे बड़ा निवेश पूरा करने वाली है. इस साल के अंत तक एक ब्यूटाइल रबर संयंत्र भी शुरू करने की योजना है.’’ अंबानी ने खनिज ईंधनों की जगह नवीकरणीय ऊर्जा माध्यमों की तरफ बढ़ते रुझान का जिक्र करते हुए कहा कि हम ईंधनों को उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोरसायन उत्पाद में बदलेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा हाइड्रोकार्बन कारोबार भविष्य के लिए तैयार है.’’ अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन की ‘ रूरल ट्रांसफॉर्मेशन ’ मुहिम किसानों बाजार से बेहतर ढंग से जोड़ने में लगी है. उन्होंने कहा कि इससे अब तक 15 राज्यों के 13,500 गांवों में लोगों को फायदा हो रहा है.