नई दिल्ली : कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इन दिनों पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया, जिसकी अवधि 14 अप्रैल को खत्म हो रही है. लेकिन, वर्तमान स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार अब लॉकडाउन को बढ़ाने पर विचार कर रही है. लॉकडाउन के चलते कई सेक्टरों पर इसका बुरा असर भी पड़ा है. टेलीकॉम सेक्टर को भी लॉकडाउन के चलते बड़ा झटका लगा है. अनुमान है कि COVID-19 के चलते देश में लगाए गए लॉकडाउन के कारण मोबाइल रिचार्ज वॉल्यूम में 35 फीसदी तक की गिरावट आई है. Also Read - How To Stay Safe In Gathering: कोरोना के दौर में आप जा रही हैं किसी शादी या फंक्शन में तो इन खास बातों का रखें ध्यान

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स का कहना है कि, लॉकडाउन ने करीब 37 करोड़ से अधिक फ़ीचर फोन बेस में से आधी संख्या को प्रभावित किया है. इस आवादी में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग हैं, जो लॉकडाउन के चलते अपना मोबाइल रीचार्ज नहीं करा पा रहे हैं और इसका सीधा असर पड़ा है टेलीकॉम कंपनी के बिजनेस पर. Also Read - India Covid-19 Updates: कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 81 लाख के पार, बीते 24 घंटे में 48 हजार से ज्यादा केस

बता दें बेसिक फोन यूजर्स में करीब 8.5 से 9 करोड़ लोग रिलायंस जियो 4जी वीओएलटीई फोन उपयोगकर्ता शामिल हैं. देश में 115 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर्स में से 90 प्रतिशत हिस्सा प्रीपेड सब्सक्राइबर्स का है. ऐसे में जियो से लेकर एयरटेल और वोडाफोन सहित कई बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान होना तय माना जा रहा है. Also Read - रिलायंस जियो का शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में बढ़कर हुआ तीन गुना, 33 प्रतिशत इनकम बढ़ी

लॉकडाउन के कारण कई कंपनियों ने अपने प्लान की वैधता को भी बढ़ा दिया था यह भी कंपनियों के लिए घाटे का एक बड़ा कारण है. 24 मार्च को पीएम मोदी के लॉकडाउन की घोषणा के बाद बहुत सी टेलीकॉम कंपनियों ने मार्च में खत्म होने वाले प्लान को 17 अप्रैल तक बढ़ा दिया था और इसके साथ ही 10 रुपये का फ्री टॉक टाइम भी दिया था.