Retail Inflation: खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर दिसंबर में घटकर 4.59 फीसदी रही. इससे पहले नवंबर में यह 6.93 फीसदी थी. जबकि पिछले साल दिसंबर में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) दर 7.35 फीसदी थी. मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन द्वारा मंगलवार को ये आंकड़े जारी किए गए हैं. जिसमें यह कहा गया है कि मई 2014 के बाद अक्टूबर 2020 में महंगाई दर सबसे ज्यादा थी. तब महंगाई दर 7.61 फीसदी रिकॉर्ड की गई थी. खाने-पीने की चीजों के दाम घटने के कारण दिसंबर में खुदरा महंगाई दर में कमी दर्ज की गई है.Also Read - Retail Inflation: खाद्य पदार्थो की ऊंची कीमतों से दिसंबर में बढ़ी महंगाई, RBI के निर्धारित लक्ष्य के करीब पहुंची

दिसंबर 2020 में खाने-पीने की चीजों की महंगाई घटकर 3.41 फीसदी रही. इससे पहले के महीने में यह 9.5 फीसदी पर थी. Also Read - Retail Inflation: रसोई का सामान महंगा होने से दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.59 प्रतिशत पर

दिसंबर में फूड बास्केट की ग्रोथ 3.41 फीसदी रही. सालाना आधार पर दिसंबर में सब्जियों की कीमतों की ग्रोथ -10.41 फीसदी रही है. इस दौरान ऑयल की कीमतों की ग्रोथ 20.05 फीसदी रही है. अंडों की कीमतों की ग्रोथ 16.08 फीसदी और दालों की कीमतों में 15.98 फीसदी रही. Also Read - महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सोया मील पर लगाई स्टॉक लिमिट

IIP की ग्रोथ कमजोर

इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) की ग्रोथ नवंबर में -1.9 फीसदी रही. इससे एक साल पहले नवंबर में IIP की ग्रोथ 2.1 फीसदी थी.

इस फिस्कल ईयर में अप्रैल से लेकर नवंबर के बीच IIP की ग्रोथ -15.5 फीसदी रही. एक साल पहले समानावधि में IIP की ग्रोथ 0.3 फीसदी थी.

माइनिंग और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर्स की ग्रोथ कमजोर रहने के कारण नवंबर में IIP के आंकड़े घटे हैं. नवंबर में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 7.3 फीसदी घटकर 104.5 रही. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 1.7 फीसदी घटकर 128.4 रही.