Retail Inflation In India: इस महीने खुदरा महंगाई दर घटकर 4.35 प्रतिशत पर आ गई है, जो कि पिछले महीने अगस्त में 5.3 प्रतिशत थी. सितंबर 2021 में महंगाई दर में करीब एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है, जो कि आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है. सितंबर 2021 में खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट अंडे, मांस और मछली, फलों और सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट के कारण हुई.Also Read - WPI Inflation: सितंबर में घटी थोक महंगाई, अगस्त के 11.39 फीसदी के मुकाबले 10.66 फीसदी पर पहुंची

सितंबर 2020 के स्तर की तुलना में गिरावट और अधिक उल्लेखनीय है, जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.27 प्रतिशत हो गई थी, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 10 प्रतिशत के निशान से 10.68 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. Also Read - सितंबर में खुदरा महंगाई दर घटकर 4.35 फीसदी पर पहुंची, तस्वीरों में देखें

यह लगातार तीसरा महीना रहा, जब सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति 6 फीसदी के नीचे रही. जुलाई 2021 में यह 5.59 फीसदी और अगस्त 2021 में 5.30 फीसदी थी. Also Read - '100 कारणों से जाएगी एनडीए सरकार'; पूर्व वित्त मंत्री बोले- महंगाई सबसे बड़ी वजह होगी

सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों में गिरावट मई 2021 के विपरीत है, जब यह 6.30 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जिसका मुख्य कारण कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आना था.

नेशनल स्टैटिकल ऑफिस (एनएसओ) की ओर से मंगलवार को सितंबर माह के लिए खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि खुदरा महंगाई दर में कमी की सबसे बड़ी वजह खाद्य पदार्थो के दामों में कमी आना है.

जून 2021 में खुदरा महंगाई 6.26 फीसदी के स्तर पर थी.

खाद्य मुद्रास्फीति का स्तर हालांकि सितंबर में रॉक बॉटम स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि वे अगस्त 2021 में 3.11 प्रतिशत और जुलाई 2021 में 3.96 प्रतिशत की तुलना में 1 प्रतिशत से भी नीचे चले गए.

(With IANS Inputs)