नई दिल्ली. रिलायंस समूह (Reliance Industries Limited) के मुखिया मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने देशभर में जियो फाइबर सर्विस (Jio Fibre services) की शुरुआत करने की घोषणा कर दी है. अगले महीने 5 सितंबर को रिलायंस जियो की कॉमर्शियल सेवा देशभर में एक साथ काम करना शुरू कर देगी. रिलायंस समूह की 42वीं वार्षिक आम सभा में मुकेश अंबानी ने यह महत्वपूर्ण घोषणा की. जियो फाइबर सर्विस लेने वालों को 100 Mbps (मेगा बिट प्रति सेकेंड) से 1,000 Mbps तक की इंटरनेट स्पीड का लाभ मिलेगा. इसके लिए उन्हें हर महीने 700 रुपए से 10,000 रुपए टैरिफ का प्लान लेना पड़ेगा. मुकेश अंबानी ने यह घोषणा भी की है कि जो ग्राहक अगर जियो गीगा फाइबर का सालभर का प्लान लेंगे, उन्हें कंपनी की तरफ से एचडी/4के टेलीविजन और 4के सेटटॉप बॉक्‍स मुफ्त में दिया जाएगा.

RIL Chairman मुकेश अंबानी ने बताया कि उनकी योजना 1600 शहरों में 2 करोड़ घरों और 1.5 करोड़ व्‍यावयायिक इकाइयों तक पहुंचने की है. मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो गीगाफाइबर के साथ उपभोक्‍ता 500 रुपए प्रति माह के खर्च पर अनलिमिटेड अमेरिका और कनाडा कॉल कर सकेंगे. साथ ही ये उपभोक्‍ता घर बैठे फर्स्‍ट डे-फर्स्‍ट शो सर्विस का लाभ उठाते हुए नई रिलीज होने वाली फिल्में देख सकेंगे. मुकेश अंबानी ने जियो फाइबर वेलकम ऑफर की घोषणा करते हुए कहा कि जियो गीगाफाइबर का साल भर का प्‍लान लेने वाले उपभोक्‍ताओं को एचडी/4के टेलीविजन और 4के सेटटॉप बॉक्‍स फ्री में दिया जाएगा.

क्या है Jio Fibre
Jio Fibre एक हाईस्पीड इंटरनेट सेवा है, जिसके जरिए इंटरनेट के अलावा आप कॉलिंग, टीवी, डीटीएच की सुविधा भी ले सकते हैं. Jio GigaFibre के एक कनेक्शन पर एक साथ 40 डिवाइस कनेक्ट की जा सकती है. यानी अगर आप अपने घर में कई मोबाइल, टीवी और लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं, तो Jio Fibre के सिर्फ एक कनेक्शन से ये सारे डिवाइस ऑपरेट किए जा सकेंगे. मुकेश अंबानी ने बताया कि Jio Fibre के ट्रायल के दौरान उपभोक्ताओं को 100 Mbps की स्पीड से डेटा दिया जा रहा है. इसके लिए कंपनी 4500 रुपए सिक्योरिटी के तौर पर ले रही है.

रिलायंस समूह की 42वीं वार्षिक आम सभा में जियो फाइबर के अलावा भी मुकेश अंबानी ने कई घोषणाएं की. उन्होंने कहा, ‘रिलायंस खुद को नए रूप में ढालेगी.’ उन्होंने बताया कि सऊदी अरामको, रिलायंस के ‘तेल से रसायन’ कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी. सऊदी अरामको हिस्सेदारी खरीदने के बाद रिलायंस की रिफाइनरियों को प्रतिदिन 5,00,000 बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति करेगी. रिलायंस को अपने ईंधन खुदरा कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिटेन की बीपी को बेचने से 7,000 करोड़ रुपए मिलेंगे.