नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोमवार को कहा कि वह जियो की दूरसंचार टावर परिसंपत्तियों को कनाडा की ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी को 25,215 करोड़ रुपए में बेचेगी. ब्रुकफील्ड टावर कंपनी की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी. इसके तहत ब्रुकफील्ड, टावर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की ओर से जारी यूनिट (शेयर) में 25,215 करोड़ रुपए का निवेश करेगी.” यह एक भारतीय बुनियादी ढांचा कंपनी में सबसे बड़ा एकल विदेशी निवेश है.

जियो 30 साल के समझौते के तहत इसके टावर पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा किरायेदार है. आरआईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि ब्रुकफील्‍ड के साथ इस दीर्घावधि और रणनीतिक साझेदारी से हम काफी रोमांचित हैं.

अंबानी कहा, ” हमें उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी ढांचा संपत्ति के बड़े पोर्टफोलियो को संभालने और अवसर बढ़ाने की ब्रुकफील्ड की क्षमता भरोसा है. यह सौदा दिखाता है कि वैश्विक निवेशक भारत के डिजिटल अवसरों में निवेश करने के अवसरों की तलाश में हैं.”

आरआईएल ने कहा कि उसकी इकाई रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स लिमिटेड (आरआईआईएचएल) ने ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एल.पी. और उसके साझेदारों के साथ टावर कारोबार सौदे के लिए बाध्यकारी समझौता किया है. ब्रुकफील्ड टावर कंपनी की 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदेगी.

कंपनी ने बयान में कहा कि आरआईआईएचएल ने “ब्रुकफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एल. पी. और उसके संस्थागत साझेदारों के साथ समझौता किया है. इसके तहत ब्रुकफील्ड, टावर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की ओर से जारी यूनिट (शेयर) में 25,215 करोड़ रुपए का निवेश करेगी.”

इस सौदे के तहत, टावर इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की प्रायोजक आरआईआईएचएल ब्रुकफील्ड से संबद्ध बीआईएफ-चार जारविस इंडिया और कुछ अन्य सह निवेशकों के लिए ट्रस्ट में शेयर जारी करेगी.

सौदा पूरा होने के बाद, ब्रुकफील्‍ड और उसके अन्य भागीदार ट्रस्‍ट के प्रायोजक बन जाएंगे और उनके पास भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार टॉवर कंपनी में उनकी 100 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होगी. टॉवर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ट्रस्‍ट के पास 130,000 टॉवर हैं. रिलायंस की अनुषंगी कंपनी इसकी सह-प्रायोजक होगी लेकिन उसके पास कोई हिस्सेदारी नहीं होगी.

यह एक भारतीय बुनियादी ढांचा कंपनी में सबसे बड़ा एकल विदेशी निवेश है.

ब्रुकफील्‍ड के निवेश और दीर्घ-अवधि ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग रिलायंस जियो इंफ्राटेल प्राइवेट लिमिटेज (आरजेआईपीएल) की मौजूदा वित्तीय देनदारियों को चुकाने में किया जाएगा. रिलायंस जियो इंफ्राटेल पर 12,000 करोड़ रुपए का ऋण बकाया है.

आरजेआईपीएल के पास करीब 130,000 टावरों का पोर्टफोलियो है जो रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के दूरसंचार नेटवर्क के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करता है और इसे बढ़कर 175,000 टावरों तक करने की योजना है.