मुंबई: आयातकों की मांग बढ़ने से डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे टूटकर 65.25 पर खुला. इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने के संकेत से अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर मजबूत हुआ, इससे भी रुपया कमजोर पड़ा. मुद्रा कारोबारियों के अनुसार आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने और विदेशी पूंजी की सतत निकासी से रुपया पर दबाव दिखा है. Also Read - लैंबोर्गिनी के लिए मां ने नहीं दिए पैसे तो 3 डॉलर लेकर कार खरीदने निकला ये लड़का, फिर हुआ ये मज़ेदार वाकया

हालांकि घरेलू शेयर बाजारों की अच्छी शुरुआत से रुपया में यह गिरावट थम गई. कल डॉलर के मुकाबले रुपया 30 पैसे टूटकर 65.17 पर बंद हुआ था. Also Read - रूस में PM मोदी का जोरदार स्वागत, पुतिन ने कहा- 'हमारी बात होती रहती है, यहां वेलकम करना मेरा सौभाग्य'

वहीं कल की अगर बात करें तो बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी. फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ने की चिंता पैदा करने वाली टिप्पपणी के बाद रुपये में तीसरे दिन गिरावट दर्ज हुई और रुपया 30 पैसे की भारी गिरावट के साथ तीन माह के निम्न स्तर 65.17 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. Also Read - पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, भारत से जीवन रक्षक दवाओं के आयात को दी मंजूरी

कारोबार के दौरान रुपया 65.32 रुपये प्रति डॉलर के दिन के निचले स्तर तक लुढ़क गया था लेकिन कारोबार के अंतिम दौर में संदिग्ध रूप से रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के कारण इसमें कुछ सुधार आया. अंत में यह 30 पैसे अथवा 0.46 प्रतिशत की गिरावट प्रदर्शित करता 65.17 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इससे तेल कंपनियों की मासांत की डॉलर मांग से भी रुपये की धारणा प्रभावित हुई. ( भाषा इनपुट )