मुबई: रुपये में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही. रिजर्व बैंक की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक के बीच विदेशी मुद्रा की सतत आवक की मदद से सोमवार को रुपया 26 पैसे की तेजी के साथ 10 सप्ताह के उच्चस्तर 71.67 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. बता दें कि अमेरिका-चीन के व्यापार युद्ध का तनाव कम होने से उभरते बाजार की मुद्राओं में भी सुधार हुआ. विशेषज्ञों ने कहा कि हालांकि रुपये ने अन्य उभरती मुद्राओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया.

रुपया 13 नवंबर के बाद पांच सत्रों की तेजी के कारण 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 10 सप्ताह के उच्च स्तर को छू गया. विदेशी कोषों की पूंजी बाजार में वापसी और कच्चे तेल की कीमतें घटने से रुपये में मजबूती आई. रिजर्व बैंक की निदेशक मंडल की बैठक जारी रहने के बीच शेयर बाजार भी करीब एक प्रतिशत बढ़कर छह सप्ताह के उच्च स्तर पर जा पहुंचा और इससे भी रुपये को समर्थन मिला. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के पीसीजी एवं कैपिटल मार्केट ग्रुप के प्रमुख वी के शर्मा ने कहा कि रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल के विचाराधीन प्रमुख मुद्दों में कमजोर बैंकों के लिए नियमों को सरल बनाना और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में नकदी उपलब्ध कराना तथा भारतीय रिजर्व बैंक के लिए पूंजी ढांचे की नई रूपरेखा तैयार करना आदि शामिल हैं.

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अमेरिका-चीन के व्यापार युद्ध का तनाव कम होने से उभरते बाजार की मुद्राओं में भी सुधार हुआ. विशेषज्ञों ने कहा कि हालांकि रुपये ने अन्य उभरती मुद्राओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया. (इनपुट एजेंसी)