Salary hike: अधिकांश कंपनियां 2021 में कर्मचारियों के मौजूदा वेतन को बढ़ाने और बोनस देने की योजना तैयार कर रही हैं. भारत में 2021 में वेतन वृद्धि में औसत रूप से 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है.Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

भारत में आर्थिक स्थितियां में धीरे-धीरे सुधर रही हैं. इसकी वजह से अधिकांश कंपनियों से मौजूदा कर्मचारियों को काम पर रखने के साथ-साथ बेहतर वेतन बढ़ोतरी और बोनस देने की उम्मीद की जा रही है. Also Read - 'तीसरी लहर के बावजूद मजबूत हुई भारत की समग्र आर्थिक गतिविधि'

इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक, केवल कुछ कंपनियों ने ही महामारी से प्रभावित साल 2020 में श्रमिकों को बोनस और वेतन बढ़ोतरी दी है. लेकिन, इस साल स्थिति बेहतर होने की संभावना है. Also Read - केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आई बड़ी खबर, DA में बढ़ोतरी से हटा पर्दा, जानिए-कितनी बढ़ेगी सैलरी- चेक करें डिटेल्स

माइकल पेज टैलेंट ट्रेंड्स 2021 के सर्वेक्षण में जवाब देने वाली कम से कम 60 फीसदी कंपनियों ने कहा कि वे वेतन बढ़ोतरी और बोनस भुगतान देने को तैयार हैं. इस बीच, सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों में से 30 फीसदी अभी भी इस बात का फैसला कर रही हैं कि कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी और बोनस दिया जाए या नहीं.

वेतन रुझानों के सर्वेक्षण में भारत में 660 कंपनियों और 4,600 कर्मचारियों की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं. सर्वेक्षण के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 55 फीसदी कंपनियां अपने कर्मचारियों को बोनस देने की योजना बना रही हैं; कम से कम 44 फीसदी बोनस के रूप में एक महीने से अधिक का वेतन देना चाहती हैं.

वेतन वृद्धि की संभावनाएं

इतना तो अब तय हो गया है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी जरूर करेंगी. लेकिन यह अलग-अलग सेक्टरों और कंपनियों में अलग-अलग होगा. हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के कर्मचारी इस साल सबसे ज्यादा सैलरी हाइक आठ फीसदी की उम्मीद कर सकते हैं, जबकि एफएमसीजी नियोक्ता 7.6 फीसदी की बढ़ोतरी देने की योजना बना रहे हैं.

ई-कॉमर्स और इंटरनेट सेक्टर के कर्मचारियों को 7.5 फीसदी बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है. यह आईटी पेशेवरों के लिए अपेक्षित 7.3 फीसदी वृद्धि से थोड़ा ज्यादा है. सर्वेक्षण के अनुसार बैंकिंग और वित्तीय सेवा पेशेवर 6.8 फीसदी की औसत वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं.

पेशेवर सेवाओं में लगे लोगों को वेतन में 6.7 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जबकि खुदरा क्षेत्र के कर्मचारी 6.1 फीसदी की औसत वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं. परिवहन और वितरण कर्मचारियों को औसतन 6 फीसदी की बढ़ोतरी मिल सकती है और जो औद्योगिक गतिविधियों में शामिल हैं और विनिर्माण में 5.9 फीसदी की औसत वेतन वृद्धि देखी जा सकती है.

वेतन बढ़ोतरी का यह सिलसिला केवल इन्हीं सेक्टरों तक ही सीमित नहीं होगा. रीयल इस्टेट और विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों के लिए काम करने वाले कर्मचारियों को 5.3 फीसदी की औसत बढ़ोतरी दी जा सकती है.

हालांकि, शीर्ष कंपनियों को उच्च वेतन वृद्धि, छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों के रोल आउट करने की संभावना है, जो अभी भी संघर्ष कर रहे हैं, जल्द ही वेतन वृद्धि नहीं कर सकते हैं.

इसे समाप्‍त करने के लिए, इस बात की अधिक संभावना है कि केवल वो कंपनियां जो महामारी या बहुराष्‍ट्रीय कंपनियों के दौरान अच्‍छा प्रदर्शन कर चुकी हैं, वे इस वर्ष एक औसत वृद्धि कर सकती हैं. स्थानीय कंपनियों में काम करने वालों के लिए, उच्च वेतन वृद्धि की संभावना कम है.

2021 में औसत वृद्धि

एक एओन सर्वेक्षण ने पहले संकेत दिया था कि वेतन वृद्धि की औसत भारतीय कंपनियां इस वर्ष 7.3 प्रतिशत देंगी, 2020 में 6.1 प्रतिशत से बेहतर. हालांकि, वेतन बढ़ोतरी 60 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है. वे वेतन वृद्धि की पेशकश पांच से 10 फीसदी के बीच करेंगे.

एओन वेतन रुझान सर्वेक्षण ने संकेत दिया है कि हाई-टेक, आईटी, सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएं, जीवन विज्ञान, ई-कॉमर्स, पेशेवर सेवाएं और रसायन कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो बड़ी बढ़ोतरी देखेंगे.