
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
प्राइवेट सेक्टर में जॉब में बहुत अनिश्चितता रहती है. अक्सर देखा जाता है कि अप्रेजल के बाद या पहले छंटनी का दौर शुरू हो जाता है. बड़ी-बड़ी कंपनियों में लोगों की नौकरियां जा रही हैं. ऐसे समय में खुद को सेफ रखना जरूरी है. अगर अचानक आपकी नौकरी चली जाए, तो सबसे बड़ी फिक्र यही होती है कि महीने का खर्च कैसे निकलेगा? लोन की EMI कैसे भरेंगे. क्रेडिट कार्ड के बिल का क्या होगा? इसी डर और परेशानी से बचाने में जॉब लॉस इंश्योरेंस आपकी मदद कर सकता है.
क्या है जॉब लॉस इंश्योरेंस?
नौकरी जाने पर कर्मचारियों को कवर देने वाले प्लान को जॉब लॉस इंश्योरेंस कहते हैं. इससे नौकरी से निकाले जाने पर फाइनेंशियल हेल्प मिल जाती है. कंपनी की ओर से एक तय समय तक पॉलिसी होल्डर को पैसों की मदद की जाती है.आप जॉब लॉस इंश्योरेंस पॉलिसी को दो तरीकों से खरीद सकते हैं. कुछ बीमा कंपनियां इसे सिंगल प्रोडक्ट के रूप में देती हैं. कुछ बीमा कंपनियां इस पॉलिसी को टर्म इंश्योरेंस या लोन प्रोटेक्शन प्लान के साथ जोड़कर भी देती हैं.
किन्हें लेना चाहिए ये इंश्योरेंस?
जो लोग प्राइवेट कंपनियों या मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करते हैं. जिन्होंने एक सैलरी पर होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन ले रखा है. हर महीने की किस्तें भरते हैं, उनके लिए ये इंश्योरेंस बहुत काम का साबित हो सकता है.इसके साथ ही ऐसे लोग, जो टेक स्टार्टअप, मीडिया, ई-कॉमर्स जैसे रिस्की सेक्टर्स में काम कर रहे हैं; जिनपर परिवार की जिम्मेदारी है… उन्हें ये इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए.
इस इंश्योरेंस की शर्तें?
कहां से ले सकते हैं ये इंश्योरेंस?
भारत में जॉब इंश्योरेंस से जुड़ी अलग से कोई पॉलिसी नहीं होती है. इसे टर्म और अन्य इंश्योरेंस प्रोडक्ट के साथ अतिरिक्त लाभ यानी राइडर के तौर पर एड कराया जा सकता है. अगर आपकी नौकरी चली गई, तो आपको एडिशिनल फायदा मिल सकता है.
कौन सी कंपनियां देती है ये राइडर सर्विस
भारत में HDFC एर्गो, GroMo, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस, बजाज आलियांज, ICICI लोम्बार्ड, न्यू इंडिया इंश्योरेंस और पॉलिसी बाजार टर्म, लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस पर राइडर के तौर पर जॉब लॉस इंश्योरेंस कवर भी देती हैं. अमूमन पॉलिसी खरीदने के 5 साल तक ही जॉब लॉस कवरेज मिलता है.
कितना प्रीमियम देना पड़ेगा?
अमूमन जॉब लॉस इंश्योरेंस का प्रीमियम आपकी मूल बीमा के प्रीमियम का 3 से 5% होता है. मसलन, अगर आपने होम लोन लिया और साथ में लाइफ इंश्योरेंस प्लान भी कराया है, जिसका सालाना प्रीमियम 10 हजार रुपये है; तो जॉब लॉस इंश्योरेंस के लिए आपको 300 से 500 रुपये प्रीमियम देने पड़ सकते हैं.
कितने का वेटिंग पीरिएड?
पॉलिसी लेने के बाद आपको 90 से 120 दिन तक के वेटिंग पीरियड का इंतजार करना पड़ेगा. इस दौरान अगर आपका ले-ऑफ हो जाता है, तो आप क्लेम नहीं कर सकते हैं.वेटिंग पीरियड खत्म होने के बाद, अगर आपका ले-ऑफ हो जाता है, तो आप क्लेम कर सकते हैं. अगर आप खुद से नौकरी छोड़ते हैं, तो आप बीमा क्लेम नहीं कर सकते हैं.
क्लेम करने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
पॉलिसी क्लेम करने के लिए आपके पास टर्मिनेशन लैटर, बैंक स्टेटमेंट, ज्वाइनिंग लैटर, सैलरी स्लिप की कॉपी होनी जरूरी है.
कब तक क्लेम का होगा सेटलमेंट?
अगर आपका क्लेम सही पाया जाता है, तो बीमा कंपनी हर महीने आपको एक तय रकम देने लगती है. यह मदद आमतौर पर 3 से 6 महीने तक मिलती है. ताकि आप इस दौरान अपनी EMI भर सकें और नई नौकरी तलाश सकें.
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