लखनऊ: कोरोना वा.रस के प्रसार को रोकने के लिए देश में कई दिनों से जारी लॉकडाउन में सोमवार से काफी छूट दी गई. इन छूट में शराब की दुकानों को भी खोलने की इजाजत दी गई है. जारी लॉकडाउन के नियमों में छूट के बाद सोमवार से शर्तों के साथ शराब की दुकानें खुली और खुलने से पहले ही दुकानों पर लंबी लंबी कतारें देखने को मिली. आबकारी विभाग को अनुमान है कि सोमवार को पहले दिन प्रदेश की 26 हजार दुकानों से करीब 100 करोड़ रूपये का राजस्व सरकार को मिलने का अनुमान है. Also Read - 31 मई के बाद दिल्ली में खुल जाएंगे धार्मिक स्थल और मॉल में दुकानें! दिल्ली सरकार ने दिए संकेत

शराब की दुकानों के बाहर लगी लोगो की लंबी लंबी लाइनों पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुये ट्वीट किया ‘भाई साहब कृप्या यह भी बतायें कि पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था तक पहुंचने के लिये क्या इसी लाइन में लगना होगा ?’ यादव ने शराब की दुकान के बाहर लगी लोगो की लंबी कतारों की तस्वीर भी साझा की. Also Read - कोरोना का प्रभाव! वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में 3.1 प्रतिशत रही देश की जीडीपी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 40 दिन बाद खुलने वाली दुकानों पर लोग समय से काफी पहले ही पहुंच गए थे और राजधानी लखनऊ सहित अन्य शहरों में भी शराब की दुकानों पर खुलने से पहले ही लम्बी कतारें लग गई और इस दौरान कई जगहों पर सामाजिक मेल जोल से दूरी के नियमों की धज्जियां भी उड़ी. उनके अनुसार लोग बड़ी तादाद में शराब की बोतलें खरीद रहे हैं. Also Read - 31 मई के बाद क्या चाहते हैं राज्य? गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी को बताए मुख्यमंत्रियों के सुझाव

प्रदेश के प्रमुख सचिव (आबकारी) संजय भुसरेड्डी ने अपने अधिकारियों के साथ स्वंय सुबह करीब दस बजे से ही शहर के महानगर, अलीगंज, इंदिरानगर आदि इलाकों की शराब की दुकानों का निरीक्षण किया और सभी दुकानों पर सेनेटाइजर और सामाजिक मेल जोल से दूरी की व्यवस्था को सुनिश्चित किया.

बता दें कि लॉकडाउन का तीसरा चरण आज सोमवार से लागू हो गया है. इसके तहत कुछ शर्तों के साथ रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन में सुबह दस बजे से शाम के सात बजे तक शराब की दुकानें खोलने का प्रावधान है. सोमवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ अन्य शहरों में भी सुबह दस बजे से ही शराब की दुकानें खोली गयी और इसको लेकर लोगों में काफी उत्सुकता देखी गई जबकि अधिकांश जगहों पर लोग सुबह आठ बजे से ही दूकनों के बाहर कतार में खड़े हो गये.

(इनपुट भाषा)