नई दिल्ली: बिहार के जहानाबाद जिले के रहने वाले और देश के प्रसिद्ध दवा उद्योगपति संप्रदा सिंह का शनिवार को मुंबई में निधन हो गया. वह करीब 92 साल के थे. सिंह के परिजनों के मुताबिक, संप्रदा सिंह की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया था, जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर बिहार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शोक संवेदना व्यक्त की है. Also Read - महाराष्‍ट्र में COVID19 के 72 नए केस के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 302

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बिहार के सबसे धनी व्यक्तियों में शुमार संप्रदा सिंह के निधन का समाचार जैसे ही जहानाबाद पहुंचा, पूरे शहर सहित उनके पैतृक गांव मोदनगंज प्रखंड के ओकरी गांव में मातम का माहौल पसर गया. उनके निधन से राजनीतिक जगत में भी शोक की लहर है. बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने उन्हें जिले का अनमोल रत्न बताया और कहा कि उनके निधन से वे काफी मर्माहत हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि संप्रदा बाबू ने साधारण किसान के घर में जन्म लेकर अपने कौशल और मेहनत से विशाल औद्योगिक साम्राज्य कायम किया, जो सारे लोगों के लिए अनुकरणीय है.

संप्रदा सिंह की मेहनत से बिहार का नाम पूरी दुनिया में पहुंचा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने ‘अल्केम लैबरेटीज’ के संस्थापक संप्रदा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सिंह ने अपनी मेहनत से ऐसी पहचान बनाई, जिससे बिहार का नाम पूरी दुनिया में पहुंचा. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने भी संप्रदा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है. बिहार और गृह जिले से हमेशा जुड़े रहे संप्रदा सिंह के निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर है.

बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने भी जताया शोक
उनके निधन पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया. एसोसिएशन के अध्यक्ष क़े पी़ एस़ केशरी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके जीवन के संघर्ष, उद्यमशीलता और उनकी सफलता को याद किया. उन्होंने कहा कि संप्रदा बाबू बिहार मूल के उन चंद गिनेचुने सफल उद्यमियों में से आते हैं, जिन्होंने देश के कॉर्पोरेट जगत में अपनी पहचान कायम की. उनकी सफलता एवं पहचान इस रूप में भी अहम है कि वो प्रथम पीढ़ी के उद्यमी थे, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि किसान की थी.