नई दिल्ली: एसबीआई कार्ड्स आज से आईपीओ के लिए सब्सक्रिप्शन खोला है और इसको लेकर काफी चर्चा भी हो रही है. देश की सबसे बड़ी ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की क्रेडिट कार्ड की सहायक कंपनी SBI कार्ड्स एंड पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड का लक्ष्य इस प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से 10,000 करोड़ से अधिक राशि जुटाने का है. यह सब्सक्रिप्शन सदस्यता के लिए 2 मार्च से लेकर 5 मार्च तक खुला रहेगा. आईपीओ के लिए मूल्य सीमा 750-755 प्रति शेयर तय की गई है. Also Read - fraud with SBI travel card, paid Rs 93 million to British website | मात्र 13 हजार रुपये की लिमिट वाले कार्ड से SBI को लगाया 9.1 करोड़ का चूना

एसबीआई कार्ड्स ने 74 एंकर निवेशकों से 2,769 करोड़ जुटाए हैं, जिनमें सिंगापुर सरकार, मौद्रिक प्राधिकरण सिंगापुर, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, सरकारी पेंशन फंड ग्लोबल और बिड़ला म्यूचुअल फंड शामिल हैं. एंकर निवेशक संस्थागत निवेशक होते हैं जिन्हें आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) में इसके उद्घाटन से पहले शेयरों की पेशकश की जाती है.

लॉट साइज और लिस्टिंग

न्यूनतम 19 इक्विटी शेयरों के लिए और उसके बाद 19 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है. मूल्य सीमा के ऊपरी छोर पर, एक लॉट का मूल्य 14,345 होगा. Link Intime India Private Limited IPO का रजिस्ट्रार है और यह आवंटन का प्रबंधन करेगा. एसबीआई कार्ड के शेयर एनएसई और बीएसई में सूचीबद्ध होंगे. ब्रोकरेज के मुताबिक, शेयरों की लिस्टिंग 16 मार्च को हो सकती है.

एसबीआई शेयरधारकों को मिलेगी छूट

इश्यू साइज का लगभग 10% या 1.3 करोड़ शेयर SBI के शेयरधारकों के लिए आरक्षित हैं. इस श्रेणी के लिए आवेदन करने के लिए एसबीआई शेयरधारकों के पास 18 फरवरी 2020 तक एसबीआई के शेयर होने चाहिए. 18.4 लाख शेयर एसबीआई और एसबीआई कार्ड के योग्य कर्मचारियों के लिए भी आरक्षित हैं. योग्य कर्मचारियों को 75 प्रति इक्विटी शेयर की कर्मचारी छूट की पेशकश की जाएगी.

क्या है SBI कार्ड IPO

SBI कार्ड IPO में SBI और कार्लाइल समूह द्वारा लगभग 13 करोड़ शेयरों की बिक्री और 500 करोड़ के ताजा अंक की पेशकश शामिल है, जिसका उपयोग केपिटल बेस को बढ़ाने के लिए किया जाएगा. एसबीआई कार्ड्स पर 74% एसबीआई का स्वामित्व है जबकि कार्लाइल ग्रुप के पास शेष 26% का स्वामित्व है. एसबीआई अपनी हिस्सेदारी का 4% हिस्सा लेगा, जबकि कार्लाइल अपनी 10% हिस्सेदारी बेचने के लिए तैयार है. एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज (एसबीआईसी) एसबीआई की सहायक कंपनी है और भारत में कार्ड के संदर्भ में 18% बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता है, जिसमें 30 नवंबर 2019 तक 9.83 मिलियन क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है और इस फाइनेंशियल ईयर में क्रेडिट कार्ड पर कुल 1,03,200 करोड़ की राशि खर्च की गई है. यह सबसे बड़ा सह-ब्रांड क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता है और ये कई बड़े प्लेयर्स के साथ साझेदारी करने वाला है. इसके बाद यह बिजनेस की दुनिया में भारत की एकमात्र सूचीबद्ध कंपनी बन जाएगी.