
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) कई ऐसी सेविंग और इंवेस्टमेंट स्कीम चलाता है, जिससे मिडिल क्लास को कम समय में बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिलती है. ‘हर घर लखपति’ SBI की ऐसी ही एक स्कीम है. ये एक रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम है. इससे आप हर महीने छोटी-छोटी रकम जमा करके 1 लाख से 10 लाख तक का फंड तैयार कर सकते हैं.
इस स्कीम में हर महीने जमा की जाने वाली रकम पर SBI ब्याज देता है. ब्याज हर तीन महीने में कंपाउंड होता है. ब्याज की दर RD की अवधि के हिसाब से अलग-अलग है. आइए समझते हैं ये स्कीम इंवेस्टमेंट और रिटर्न के हिसाब से कितनी फायदेमंद है? कौन कितने रकम के इंवेस्टमेंट से इस स्कीम को ले सकता है? कितना इंटरेस्ट मिलता है? इस स्कीम से कैसे 1 लाख या इससे ज्यादा का फंड तैयार होगा:-
कौन कर सकता है स्कीम में इंवेस्ट?
कोई भी भारतीय नागरिक इस स्कीम में निवेश कर सकता है. व्यक्ति इसमें अकेले या जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं. मां-पिता अपने 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे का भी अकाउंट खुलवा सकते हैं. SBI की हर घर लखपति RD स्कीम उन सभी निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है, जो हर महीने रेगुलर बचत करके तय समय में अपना टारगेट अमाउंट जमा करना चाहते हैं.
कितना मिल रहा ब्याज?
इस स्कीम में सामान्य नागरिकों को मैक्सिमम 6.75% और सीनियर सिटीजन को मैक्सिमम 7.25% सालाना दर से ब्याज दिया जा रहा है.
कितना होगा मैच्योरिटी पीरिएड?
‘हर घर लखपति’स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड आमतौर पर 3 साल से 10 साल तक रहता है. यानी आप 3 साल से 10 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं.
हर महीने कितना करें निवेश?
SBI की ‘हर घर लखपति’ स्कीम में सीनियर सिटिजन और सामान्य नागरिकों को 10 लाख रुपये जुटाने के लिए हर महीने कितने पैसे जमा करने होंगे, इसका एक अनुमानित कैलकुलेशन निकाला गया है:-
कितना टैक्स देना पड़ेगा?
रिकरिंग डिपॉजिट (RD) से मिलने वाला इंटरेस्ट इनकम अगर 40 हजार रुपये तक है, तो कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. सीनियर सिटीजन के मामले में ये लिमिट 50 हजार रुपये सेट की गई है. इससे ज्यादा की इनकम हुई तो 10% TDS काटा जाता है.
टैक्स बचाने के लिए क्या करना है?
अगर आप टैक्स के दायरे में नहीं आते, तो फॉर्म 15H-15G करें. सीनियर सिटीजन को बैंक में फॉर्म 15H और अन्य लोगों को फॉर्म 15G जमा करना होता है. फॉर्म 15G या फॉर्म 15H खुद से की गई घोषणा वाला फॉर्म है. इसमें आप यह बताते हैं कि आपकी इनकम टैक्स लिमिट से बाहर है.
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