अब दूसरे बैंक के ATM से पैसे निकालना पड़ेगा महंगा, इस बैंक ने बदले नियम

SBI New Rules: देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए लेनदेन से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है

Published date india.com Published: January 17, 2026 9:13 PM IST
SBI new rules
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SBI New Rules: देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए लेनदेन से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया है. पहले बैंक ने ATM से पैसे निकालने के चार्ज बढ़ाए थे और अब IMPS यानी तुरंत पैसे ट्रांसफर करने पर भी नई फीस लगाने का फैसला किया है. इन बदलावों का असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा जो डिजिटल बैंकिंग का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं या फिर दूसरे बैंकों के ATM से बार-बार पैसे निकालते हैं. बैंक का कहना है कि इन नियमों से सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा, लेकिन आम ग्राहकों के लिए अब खर्च थोड़ा बढ़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि लोग नए नियमों को समझें और सोच-समझकर लेनदेन करें, ताकि उन्हें ज्यादा चार्ज न देना पड़े.

IMPS ट्रांसफर पर क्या होंगे नए चार्ज?

SBI के नए IMPS चार्ज 15 फरवरी 2026 से लागू होंगे. बैंक ने साफ किया है कि अगर ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या YONO ऐप से 25,000 रुपये तक का IMPS ट्रांसफर करते हैं, तो कोई चार्ज नहीं लगेगा. यानी छोटी रकम भेजना पहले की तरह फ्री रहेगा. लेकिन अगर रकम 25,000 रुपये से ज्यादा है, तो अब शुल्क देना होगा.

  • 25,000 से 1 लाख रुपये तक: ₹2 + GST
  • 1 लाख से 2 लाख रुपये तक: ₹6 + GST
  • 2 लाख से 5 लाख रुपये तक: ₹10 + GST

इसका मतलब है कि बड़ी रकम ट्रांसफर करने पर थोड़ा अतिरिक्त खर्च आएगा. हालांकि यह चार्ज बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन बार-बार बड़ी रकम भेजने वालों को इसका ध्यान रखना होगा.

ब्रांच से IMPS और खास खातों को राहत

अगर कोई ग्राहक बैंक की ब्रांच जाकर IMPS करता है, तो उसके लिए राहत की बात है. ब्रांच से IMPS करने पर पुराने चार्ज ही लागू रहेंगे, जो ₹2 से ₹20 + GST तक हैं. इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा SBI ने कुछ खास तरह के खातों को नए IMPS चार्ज से छूट दी है. जैसे DSP, PMSP, ICSP, CGSP, PSP, RSP अकाउंट, Shaurya Family Pension Account और SBI Rishtey Family Savings Account. इन खातों के ग्राहकों को IMPS ट्रांसफर पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा. इससे ऐसे खास वर्ग के ग्राहकों को राहत मिलेगी और उन पर नए नियमों का असर नहीं पड़ेगा.

ATM चार्ज में पहले ही हो चुका है बदलाव

IMPS से पहले SBI ने ATM और ADWM चार्ज में भी बदलाव किया था, जो 1 दिसंबर 2025 से लागू हो गया है. सेविंग अकाउंट होल्डर्स को दूसरे बैंकों के ATM से तय फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालने पर ₹23 + GST देना होगा. वहीं, नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन जैसे बैलेंस चेक करने पर ₹11 + GST लगेगा. सैलरी अकाउंट में पहले अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन मिलते थे, लेकिन अब महीने में सिर्फ 10 फ्री ट्रांजैक्शन ही मिलेंगे. करंट अकाउंट होल्डर्स को हर ट्रांजैक्शन पर बढ़ा हुआ चार्ज देना होगा. हालांकि कुछ खातों को राहत भी दी गई है, जैसे KCC अकाउंट पर दूसरे बैंकों के ATM से अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे और BSBD अकाउंट में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

चार्ज से कैसे बचें?

SBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे ज्यादा से ज्यादा SBI के अपने ATM और ADWM का इस्तेमाल करें. देशभर में SBI के 63,000 से ज्यादा ATM हैं, जिनका उपयोग करके अतिरिक्त चार्ज से बचा जा सकता है. IMPS में छोटी रकम के लिए ट्रांसफर अब भी फ्री है, इसलिए बड़ी रकम को सोच-समझकर भेजें. IMPS एक रियल-टाइम ट्रांसफर सिस्टम है, इसमें पैसा वापस नहीं लिया जा सकता, इसलिए भेजने से पहले लाभार्थी की जानकारी जरूर जांच लें. अगर सही योजना बनाकर बैंकिंग की जाए, तो इन चार्ज का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है. नए नियम बताते हैं कि अब डिजिटल ट्रांजैक्शन और ATM का इस्तेमाल समझदारी से करना और भी जरूरी हो गया है, ताकि जेब पर ज्यादा बोझ न पड़े.

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