नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7,718.17 करोड़ रुपये का एकल शुद्ध घाटा हुआ है. वसूली में फंसे कर्जों (एनपीए) के लिए नुकसान के ऊंचे प्रावधान करने के कारण घाटा ऊंचा रहा. Also Read - Kisan Credit Card Scheme: संकट काल में किसानों के लिए बेहद कारगर है ये स्कीम, केवल 4% पर मिलता है 3 लाख का लोन

इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में देश के इस सबसे बड़े ने 2,814.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. दिसंबर, 2017 को समाप्त तीसरी तिमाही में बैंक को 2,416.37 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

बैंक ने शेयर बाजारों को आज बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में उस की कुल आय बढ़कर 68,436.06 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 57,720.07 करोड़ रुपये थी. इस अवधि में बैंक का सकल एनपीए बढ़कर कर्ज के 10.91 प्रतिशत के बराबर हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6.90 प्रतिशत था.

इस दौरान बैंक का शुद्ध एनपीए बढ़कर 5.73 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 3.71 प्रतिशत था.