नई दिल्ली: देश में लॉकडाउन के चलते आरबीआई ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि सभी बैंक अपने ग्राहकों को लोन की किश्त के भुगतान में तीन महीने की राहत दें. आरबीआई की इस सुविधा के बहाने साइबर अपराधी ग्राहकों से धोखाधड़ी कर रहे हैं. साइबर अपराधी लोगों से उनके फोन पर आए ओटीपी (OTP) बताने के लिए कह रहे हैं ओटीपी मिलते ही अपराधी खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं. एसबीआई ने अपने ग्राहकों को ऐसे फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी है. Also Read - अनुष्‍का शर्मा की सनशाइन वाली पिक्‍चर पर फ्लैट हुए विराट कोहली, इंस्‍टाग्राम पर इस अंदाज में दिया जवाब

SBI ने बताया कि साइबर अपराधी फ्रॉड करने के अलग अलग तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में अलर्ट रहना काफी जरूरी है. बैंक ने बताया ईएमआई रोकने के लिए किसी तरह के ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए जरूरी है कि आप अपना ओटीपी किसी के साथ शेयर ना करें. हाल ही में एसबीआई (SBI) ने एक ट्विट किया है. ट्विट के जरिए बैंक ने लोगों को बताया कि साइबर अपराधी लोगों को लूटने के लिए अलग -अलग करीके अपना रहे हैं. इन साइबर अपराधियों को हराने और इनसे बचने के लिए केवल एक ही तरीका है कि आप अपना ओटीपी किसी के साथ शेयर ना करें.

आरबीआई ने पिछले महीने फैसला लिया था कि सभी बैंक अपने ग्राहकों को लोन की किश्त के पेमेंट में तीन महीने की छूट दें. यानी मार्च, अप्रैल और मई की किश्त बाद में चुकाने की सुविधा दी जाए. यह फैसला लॉकडाउन में लोगों को राहत देने के लिए लिया गया है.