
Akarsh Shukla
मैं, आकर्ष शुक्ला, पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हूं और वर्तमान में India.com Hindi (ZEE Media) में शिफ्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी निभाते हुए नेशनल टीम का नेतृत्व ... और पढ़ें
Share Market Financial Influencer : फाइनेंस और स्टॉक मार्केट पर कंटेंट बनाने वाले देशभर के पॉपुलर फिनफ्लुएंसर्स (Financial Influencer) अपने यूजर्स को मार्केट से जुड़ी तरह-तरह की जानकारी देते हैं. अब सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने उन फिनफ्लुएंसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है, जो अपने वीडियो और कंटेंट के माध्यम से यूजर्स को स्टॉक मार्केट के टिप्स दे रहे हैं. पहले शेयर मार्केट की फील्ड में वीडियो बनाने वाले सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स अपने यूजर्स को बाजार और ट्रेडिंग के टिप्स संबंधी जानकारी दिया करते थे, लेकिन अब कई फिनफ्लुएंसर्स को स्टॉक के टिप्स भी देते देखा जा सकता है. सेबी ने अब इसके खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है.
अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फाइनेंस रिलेटेड कंटेंट बनाने वाले फिनफ्लुएंसर के खिलाफ सख्त नियम लागू करते हुए बुधवार को एक सर्कुलर जारी कर बताया कि अब कंटेंट क्रिएटर्स एजुकेशन पर्पस से बनाए गए कंटेंट में सिर्फ 3 महीने पुराना स्टॉक प्राइस की जानकारी दे सकते हैं. यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर्स रियल-टाइम मार्केट डेटा का इस्तेमाल करके इसे फाइनेंस एजुकेशन के नाम पर न दिखा सकें. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उनके कंटेंट को रियल-टाइम ट्रेडिंग सलाह के तौर पर न समझा जाए.
सेबी ने सर्कुलर में लिखा, ‘जो व्यक्ति सिर्फ एजुकेशन से जुड़ा काम कर रहा है, वह इन दो प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए. इंफ्लुएंसर्स पिछली तीन महीनों के मार्केट प्राइस डेटा का इस्तेमाल किसी भी सिक्योरिटी का नाम, कोड नेम, या उससे जुड़ी कोई जानकारी अपने वीडियो, टॉक, स्क्रीन शेयर या टिकर में नहीं कर सकता. साथ ही, वह किसी सिक्योरिटी की भविष्य की कीमत, सलाह या सिफारिश से जुड़ी बात भी नहीं कर सकता.
सेबी (SEBI) ने अपने सर्कुलर में कुछ अहम नियम बताए हैं जो फिनफ्लुएंसर्स और उनसे जुड़ी फाइनेंशियल कंपनियों पर लागू होते हैं.
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, सस्पेंशन या सेबी रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है. ये नियम 29 अगस्त 2024 से लागू हैं, और फर्म्स को इन्हें जनवरी 2025 तक फॉलो करना था. अगर कोई कंपनी यह सुनिश्चित नहीं करती कि उसके डिजिटल विज्ञापन कहां दिख रहे हैं, तो वह अनजाने में भी नियम तोड़ सकती है.
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