ट्रेडिंग और स्टॉक पर ज्ञान देने वाले 'फिनफ्लुएंसर' पर SEBI ने कसा शिकंजा, अब इन नियमों के साथ करना होगा काम

Content Creator : सेबी ने सर्कुलर में बताया कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उनके कंटेंट को रियल-टाइम ट्रेडिंग सलाह के तौर पर न समझा जाए.

Published date india.com Updated: January 30, 2025 8:00 PM IST
ट्रेडिंग और स्टॉक पर ज्ञान देने वाले 'फिनफ्लुएंसर' पर SEBI ने कसा शिकंजा, अब इन नियमों के साथ करना होगा काम

Share Market Financial Influencer : फाइनेंस और स्टॉक मार्केट पर कंटेंट बनाने वाले देशभर के पॉपुलर फिनफ्लुएंसर्स (Financial Influencer) अपने यूजर्स को मार्केट से जुड़ी तरह-तरह की जानकारी देते हैं. अब सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने उन फिनफ्लुएंसरों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है, जो अपने वीडियो और कंटेंट के माध्यम से यूजर्स को स्टॉक मार्केट के टिप्स दे रहे हैं. पहले शेयर मार्केट की फील्ड में वीडियो बनाने वाले सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स अपने यूजर्स को बाजार और ट्रेडिंग के टिप्स संबंधी जानकारी दिया करते थे, लेकिन अब कई फिनफ्लुएंसर्स को स्टॉक के टिप्स भी देते देखा जा सकता है. सेबी ने अब इसके खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है.

फिनफ्लुएंसर को करना होगा ये काम

अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फाइनेंस रिलेटेड कंटेंट बनाने वाले फिनफ्लुएंसर के खिलाफ सख्त नियम लागू करते हुए बुधवार को एक सर्कुलर जारी कर बताया कि अब कंटेंट क्रिएटर्स एजुकेशन पर्पस से बनाए गए कंटेंट में सिर्फ 3 महीने पुराना स्टॉक प्राइस की जानकारी दे सकते हैं. यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि फाइनेंशियल इंफ्लुएंसर्स रियल-टाइम मार्केट डेटा का इस्तेमाल करके इसे फाइनेंस एजुकेशन के नाम पर न दिखा सकें. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि उनके कंटेंट को रियल-टाइम ट्रेडिंग सलाह के तौर पर न समझा जाए.

क्या नहीं कर सकते फिनफ्लुएंसर?

सेबी ने सर्कुलर में लिखा, ‘जो व्यक्ति सिर्फ एजुकेशन से जुड़ा काम कर रहा है, वह इन दो प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए. इंफ्लुएंसर्स पिछली तीन महीनों के मार्केट प्राइस डेटा का इस्तेमाल किसी भी सिक्योरिटी का नाम, कोड नेम, या उससे जुड़ी कोई जानकारी अपने वीडियो, टॉक, स्क्रीन शेयर या टिकर में नहीं कर सकता. साथ ही, वह किसी सिक्योरिटी की भविष्य की कीमत, सलाह या सिफारिश से जुड़ी बात भी नहीं कर सकता.

क्या है नए नियम?

सेबी (SEBI) ने अपने सर्कुलर में कुछ अहम नियम बताए हैं जो फिनफ्लुएंसर्स और उनसे जुड़ी फाइनेंशियल कंपनियों पर लागू होते हैं.

  • किसी भी तरह की इन्वेस्टमेंट सलाह जो सही और वेरिफाइड न हो, उसे देना मना है.
  • लोगों को गुमराह करने वाले झूठे वादे करना अब प्रतिबंधित है.
  • स्टॉकब्रोकर, एक्सचेंज और फाइनेंशियल फर्म्स ऐसे किसी व्यक्ति से जुड़े नहीं रह सकते, जो इन नियमों का उल्लंघन करता हो.
  • अगर कोई फाइनेंशियल कंपनी उन लोगों के साथ काम करती है जो झूठे दावे करते हैं, तो उस कंपनी को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
  • अगर आप स्टॉक मार्केट की पढ़ाई कराते हैं, तो इसमें कोई समस्या नहीं, लेकिन उसमें ट्रेडिंग टिप्स या भविष्य की कीमतों की बात छिपाकर नहीं बता सकते.
  • चाहे वह फाइनेंशियल पार्टनरशिप हो या प्रमोशनल कोलैबोरेशन, सेबी से रजिस्टर्ड संस्थाएं किसी भी फिनफ्लुएंसर के साथ काम नहीं कर सकतीं.
  • नियम तोड़ने वालों के साथ पैसे, रेफरल्स या ग्राहक डेटा शेयर करना सख्त मना है.

नियम तोड़ने पर सजा

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, सस्पेंशन या सेबी रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है. ये नियम 29 अगस्त 2024 से लागू हैं, और फर्म्स को इन्हें जनवरी 2025 तक फॉलो करना था. अगर कोई कंपनी यह सुनिश्चित नहीं करती कि उसके डिजिटल विज्ञापन कहां दिख रहे हैं, तो वह अनजाने में भी नियम तोड़ सकती है.

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