मुंबई. बजट के कुछ प्रस्तावों को लेकर निवेशकों की चिंता व वैश्विक स्तर पर बिकवाली से शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला छठे दिन भी जारी है. खराब वैश्विक संकेतों के चलते घरेलू बाजारों में भारी गिरावट हुई है. सेंसेक्स 1200 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया है जबकि निफ्टी 10,300 अंक फिसला है. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 3-3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली दिख रही है. बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 4.5 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 4.8 फीसदी की कमजोरी आई है. बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 4.5 फीसदी लुढ़का है. Also Read - Bank loan Interest Relief: कर्जदारों को केंद्र सरकार का बड़ा दिवाली तोहफा, बैंक से इतने रुपये तक का कर्ज लेने वालों को ब्याज में दी राहत

इससे पहले, लगातार पांचवें दिन सेंसेक्स में गिरावट रही और सेंसेक्स 310 अंक टूटकर 34,757.16 अंक के तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया. निफ्टी में भी 94 अंक की गिरावट आई और यह 10,667 अंक पर आ गया. पिछले सप्ताह बजट में सरकार ने शेयरों पर 10 प्रतिशत का पूंजीगत लाभ कर लगाने का प्रस्ताव किया था. इससे निवेशक चिंतित हैं. इसके अलावा राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूकने से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई है. Also Read - अमेरिका की यह बड़ी बाइक कंपनी भारत में बंद करेगी अपने Manufacturing Unit, जानिए क्या हैं कारण

एक फरवरी को बजट पेश होने के बाद से सेंसेक्स तीन सत्रों में 1,208 अंक से अधिक नीचे आ चुका है. वहीं, निफ्टी 361 अंक टूटा है. ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा से पहले सतर्कता का रुख अपनाया हुआ है. उनका मानना है कि मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ती चिंता की वजह से केंद्रीय बैंक रेपो दर बढ़ा सकता है. वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई, जबकि शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नीचे चल रहे हालांकि, सरकार ने आज बजटीय प्रस्तावों लेकर चिंता को नजरअंदाज करते हुए कहा कि शेयरों में गिरावट वैश्विक बाजारों के रुख की वजह से है. Also Read - वैश्विक बिकवाली का दबाव: सेंसेक्स में भारी गिरावट, निफ्टी 10,800 अंक पर आया