मुंबई : देश के शेयर बाजारों में भारी गिरावट का रुख देखा जा रहा है. सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान सुबह 11 बजे के करीब बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 600 अंक तक लुढ़क गया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 200 अंक टूट गया. दिसंबर 2018 के बाद यह पहला मौका है, जब सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा टूट गया.

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सबसे ज्यादा नुकसान में हीरो मोटो कॉर्प, एलएंडटी, मारुति, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स और हिंदुस्तान युनिलीवर रही. शुक्रवार को भी सेंसेक्स 394.67 अंक गिरकर 39,513.99 अंक और निफ्टी 135.60 अंक टूटकर 11,811.15 अंक पर बंद हुआ था.

अमेरिका में पिछले सप्ताह जॉब डॉटा मजबूत आने से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावना कम होने से एशिया बाजारों में नकरात्मक रुझान रहा. इसके अलावा, पिछले सप्ताह शुक्रवार को संसद में पेश किए गए आम बजट 2019-20 के प्रावधानों को लेकर निवेशकों में असमंजस की स्थिति बरकरार है, जिससे शेयर बाजार में नकारात्मक रुझान देखने को मिला.

बाजार के जानकार बताते हैं कि खासतौर से सरकार द्वारा शेयर बायबैक पर कर लगाने और सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाने की घोषणा से घरेलू निवेशकों में निराशा का माहौल बना है.