मुंबई: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी (बीएसई) सेंसेक्स शुक्रवार को पांच महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया. शुक्रवार को सुबह बीएसई सेंसेक्स जो 32,650.89 अंक पर खुला था वो 409.73 अंक गिरकर 32,596.54 अंक पर बंद हुआ. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी इस साल पहली बार 10 हजार अंक के स्तर से नीचे आ गया. जानकार इसका कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी सामान पर शुल्क लगाने की घोषणा को मान रहे हैं जिससे व्यापार युद्ध बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है. इस घटनाक्रम के बीच वैश्विक बाजारों में जोरदार गिरावट आई है जिसका असर भारत के बाजारों में भी दिखाई दिया.Also Read - ZEEL-SONY Pictures Big Merger: मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी के MD-CEO बने रहेंगे पुनीत गोयनका

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 409.73 अंक या 1.24 प्रतिशत के नुकसान से पांच महीने के निचले स्तर 32,596.54 अंक पर आ गया. इससे पहले पिछले साल 23 अक्तूबर को सेंसेक्स 32,506.72 अंक पर बंद हुआ था. Also Read - Weekly Stock Market Report 20 से 26 सितंबर तक: जानें इस हफ्ते की स्टॉक मार्केट अपडेट्स और इन्वेस्ट करें सेफली

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) निफ्टी भी इस साल पहली बार 10 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आया. निफ्टी 116.70 अंक या 1.15 प्रतिशत के नुकसान से 9,998.05 अंक पर आ गया. इसका भी यह पांच महीने का निचला स्तर है. इससे पहले पिछले साल 11 अक्तूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 9,984.80 अंक पर बंद हुआ था. Also Read - Dish TV मामले में खुद के ही जाल में फंस गए Yes Bank और IiAS, किसके इशारे पर हो रहा ये सब, जानिए पूरा मामला

रियल्टी, धातु, बैंकिंग, पूंजीगत सामान, स्वास्थ्य सेवा, पीएसयू, वाहन और तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों में नुकसान दर्ज हुआ. सेल, जिंदल स्टील, वेदांता, हिंडाल्को, जिंदल स्टील, नेशनल एल्युमीनियम, हिंदुस्तान जिंक, टाटा स्टील, एनएमडीसी और जेएसडब्ल्यू स्टील की अगुवाई में बिकवाली दबाव के चलते धातु कंपनियों के शेयर 6.58 प्रतिशत तक टूट गए. शेयर बाजार में गिरावट होने से निवेशकों में मायूसी का माहौल है.

यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि साप्तहिक आधार पर सेंसेक्स नीचे आया है. साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 579.46 अंक या 1.75 प्रतिशत नुकसान में रहा. वहीं साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 197.10 अंक या 1.93 प्रतिशत नीचे रहा. वॉल स्ट्रीट, एशियाई और यूरोपीय बाजारों में व्यापार युद्ध तेज होने की आशंका से गिरावट रही.