मुंबई: वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के नये दौर के बीच निवेशकों की बिकवाली से शुक्रवार को सेंसेक्स में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गयी. यह करीब 289 अंक टूटकर बंद हुआ. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय 400 अंक के करीब गिर गया था. हालांकि अंत में यह 289.29 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 39,452.07 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान इसने 39,363.45 अंक के निचले स्तर और 39,799.90 अंक के उच्चतम स्तर को भी छुआ.

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 90.75 अंक यानी 0.76 प्रतिशत गिरकर 11,823.30 अंक पर बंद हुआ. साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 163.83 अंक यानी 0.41 प्रतिशत तथा निफ्टी 47.35 अंक यानी 0.39 प्रतिशत नुकसान में रहे हैं. सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, कोटक बैंक, बजाज ऑटो, यस बैंक, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और हीरो मोटोकॉर्प के शेयर 4.36 प्रतिशत तक गिर गये. हालांकि एलएंडटी, सन फार्मा, वेदांता, पावरग्रिड और टीसीएस के शेयर 0.80 प्रतिशत तक मजबूत हुए. बीएसई के समूहों में पूंजीगत वस्तुओं को छोड़ शेष सभी गिरावट में रहे.

वैश्विक मोर्चे पर मई महीने में चीन के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 वर्ष से अधिक के निचले स्तर पर आ जाने से निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया. इसके अलावा अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितता तथा बृहस्पतिवार को ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद ईरान के साथ अमेरिका का तनाव बढ़ने के चलते नरम वैश्विक संकेतों से घरेलू बाजार गिरावट में रहे. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अधिक मूल्यांकन के बीच नरम वैश्विक बाजार तथा सुस्त अर्थव्यवस्था से बाजार को नुकसान पहुंच रहा है.

तेल के टैंकरों पर हमले को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच जारी बयानबाजी, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता की सुस्त प्रगति, 19 जून को फेडरल रिजर्व के नीतिगत निष्कर्षों की घोषणा तथा मानसून की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी. इन महत्वपूर्ण कारकों के इंतजार में निवेशकों ने आज बाजार में सतर्कता बरती. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप 1.02 प्रतिशत तक गिरावट में रहे. ब्रेंट क्रूड पिछले दो दिनों में चार प्रतिशत से अधिक उछला है. एशियाई बाजार गिरावट में बंद हुए. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी गिरावट में चल रहे हैं. अंतरबैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे के नुकसान से 69.69 डॉलर प्रति डॉलर पर चल रहा था.