नई दिल्ली: कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजों और शेयर निवेशकों पर लगने वाले कर में कटौती की चर्चा से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स बुधवार को 220 अंक की तेजी के साथ एक बार फिर 40,000 अंक के पार चला गया. यह लगातार चौथा कारोबारी दिन रहा जब शेयर बाजार में तेजी रही. करीब पांच महीने बाद एक बार फिर से सेंसेक्स 40,000 अंक के पार गया है.

 

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स बुधवार को 220.03 अंक यानी 0.55 प्रतिशत उछल कर 40,051.87 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान , सेंसेक्स ने 40,178.12 अंक के ऊंचे स्तर को भी छुआ. यह लगातार चौथा कारोबारी दिन है जब सेंसेक्स में बढ़त दर्ज की गई. इससे पहले जून महीने की शुरुआत में सूचकांक 40,000 अंक से ऊपर बंद हुआ था. इसी प्रका, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 57.25 अंक यानी 0.49 प्रतिशत बढ़कर 11,844.10 अंक पर बंद हुआ.

मजबूत तिमाही नतीजों से बाजार को मिली मजबूती
ब्रोकरों ने कहा कि बजट से पहले शेयर निवेशकों के लिहाज से प्रभाव डालने वाले प्रमुख कर जैसे कि दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर , प्रतिभूति लेनदेन कर और लाभांश वितरण कर की समीक्षा किये जाने और उसमें कटौती की संभावना से घरेलू निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है. उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों और कॉरपोरेट कर में कटौती के मुनाफे में अहम योगदान से भी बाजार को बल मिला. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, आईटीसी, भारती एयरटेल, सन फार्मा, इंफोसिस और बजाज ऑटो में 3.37 प्रतिशत तक की तेजी रही है.

इनके शेयरों में आई गिरावट
इसके विपरीत येस बैंक, मारुति, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर 2.41 प्रतिशत तक गिर गए. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि सरकार की ओर से किए गए उपायों और एलटीसीजी कर में कटौती की उम्मीदों से बाजार में सकारात्मक रुख रहा. कर में कटौती से दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने से शेयर बाजार में निवेश को बढ़ावा मिला है. इससे 2019-20 की दूसरी छमाही में वित्तीय आंकड़ों में सकारात्मक वृद्धि होने की उम्मीद जगी है.

अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की उम्मीद से नतीजे बेहतर
नायर ने कहा कि अमेरिका-चीन व्यापार समझौते और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में कटौती की उम्मीद से पहले अन्य वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख रहने के बावजूद तिमाही नतीजे बाजार को बढ़ावा दे रहे हैं. वैश्विक मोर्चे पर बाजार अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में कटौती के फैसले का इंतजार कर रहा है. अमेरिका – चीन व्यापार समझौते में देरी की खबरों से शंघाई , हांगकांग , सोल और तोक्यो के शेयर बाजारों में गिरावट रही. यूरोप के शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में मिला – जुला रुख देखने को मिला.