sensex11 Also Read - वैश्विक बिकवाली का दबाव: सेंसेक्स में भारी गिरावट, निफ्टी 10,800 अंक पर आया

मुंबई, 29 नवंबर:  देश के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक फीसदी से अधिक तेजी के साथ नए रिकार्ड उच्च स्तर पर बंद हुए। सेंसेक्स पहली बार 28,500 से ऊपर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह 1.27 फीसदी या 359.36 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 28,693.99 पर बंद हुआ। Also Read - सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण में 1.37 लाख करोड़ रुपए का हुआ इजाफा

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.31 फीसदी या 110.9 अंकों की तेजी के साथ 8,588.25 पर बंद हुआ। Also Read - यात्री विमान सेवाएं बहाल होने से एविएशन सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 में पिछले सप्ताह तेजी रही। भेल (12.05 फीसदी), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (8.59 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (6.20 फीसदी), टाटा पावर (5.56 फीसदी) और भारतीय स्टेट बैंक (5.38 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स में गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (4.69 फीसदी), आईटीसी (3.52 फीसदी), सेसा स्टरलाईट (2.43 फीसदी), लार्सन एंड टुब्रो (1.53 फीसदी) और बजाज ऑटो (1.32 फीसदी)।

गत सप्ताह मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिलावट का रुख रहा। मिडकैप 0.73 फीसदी या 74.82 अंकों की तेजी के साथ 10,270.61 पर और स्मॉलकैप 0.49 फीसदी या 55.05 अंकों की गिरावट के साथ 11,270.79 पर बंद हुआ।

गत सप्ताह सेंसेक्स शुक्रवार को रिकार्ड उच्च स्तर 28,693.99 पर बंद हुआ। निफ्टी भी शुक्रवार को रिकार्ड उच्च स्तर 8,588.25 पर बंद हुआ।

गत सप्ताह पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने वियना में अपनी बैठक में पेट्रोलियम उत्पादन पुराने स्तर पर बरकरार रखने का निर्णय लिया। इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल के मूल्य में और गिरावट दर्ज की गई।

तेल की कीमत पिछले कुछ महीने में काफी कम हुई है। इसके साथ ही डीजल मूल्य पर नियंत्रण हटा लिए जाने से देश का वित्तीय घाटा, चालू खाता घाटा और महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। देश अपनी जरूरत के 80 फीसदी तेल का आयात करता है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार 27 नवंबर को वाणिज्यिक बैंकों को उसके द्वारा जारी किए गए दीर्घावधिक बांड पर आम ग्राहक को ऋण देने की अनुमति दे दी। ये ऋण सस्ते आवास और अवसंरचना परियोजना के लिए दिए जा सकेंगे।