मुंबई : अमेरिका-चीन के बीच व्यापार विवाद की छाया भारतीय शेयर बाजारों पर भी लगातार बनी हुई है. सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा. सेंसेक्स जहां करीब 488 अंक लुढ़क गया, वहीं निफ्टी भी 11,400 अंक के स्तर से नीचे आ गया. बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 487.50 अंक या 1.27 प्रतिशत के नुकसान से 37,789.13 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 138.45 अंक या 1.20 प्रतिशत के नुकसान से 11,359.45 अंक पर पहुंच गया.Also Read - FPI Investment: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जुलाई में 5,689 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश निकाला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने की चेतावनी दी है. ट्रंप की इस घोषणा के बाद से ही वैश्विक बाजारों में गिरावट का रुख है. दुनिया की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव बढ़ने से निवेशक निवेश के सुरक्षित विकल्पों मसलन बांड, सोना और जापानी येन की ओर रुख कर रहे हैं. विश्लेषकों ने कहा कि रुपये में कमजोरी, कंपनियों के तिमाही नतीजों में मिलाजुला रुख और आम चुनाव से पहले सतर्कता की वजह से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई है. Also Read - Share market update: कोविड, वैश्विक संकेत के असर से मुनाफावसूली की चपेट में इक्विटी बाजार

सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई का शेयर 3.35 प्रतिशत तक नीचे आया. बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, सनफार्मा, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, वेदांता, महिंद्रा एंड महिंद्रा, यस बैंक और ओएनजीसी के शेयरों में 3.22 प्रतिशत तक नुकसान दर्ज हुआ. दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक और टीसीएस के शेयरों में मामूली तेजी देखी गई. Also Read - HDFC Bank News: एचडीएफसी बैंक ने पहली तिमाही में 16.1 प्रतिशत शुद्ध लाभ अर्जित किया

इस बीच, शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 645.08 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 818.84 करोड़ रुपये की लिवाली की.

(इनपुट एजेंसियों से भी)