देश के शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में पिछले सप्ताह आधी फीसदी से अधिक गिरावट रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.77 फीसदी यानी 207.28 अंकों की गिरावट के साथ शुक्रवार को 26,635.75 पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.62 फीसदी यानी 50.75 अंकों की गिरावट के साथ 8,170.05 पर बंद हुआ। Also Read - Sensex closes 45 points down, banking stocks fall

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सेंसेक्स के 30 में से 12 शेयरों में पिछले सप्ताह तेजी रही। भारतीय स्टेट बैंक (4.94 फीसदी), भेल (4.83 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (3.69 फीसदी), ओएनजीसी (2.90 फीसदी) और सिप्ला (2.40 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे इंफोसिस (6.76 फीसदी), एशियन पेंट्स (3.31 फीसदी), डॉ. रेड्डीज लैब (3.00 फीसदी), टीसीएस (2.66 फीसदी) और मारुति (2.43 फीसदी)। Also Read - Late fall in trade of Share Bazaar, Sensex down 24 points

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 0.16 फीसदी या 18.27 अंकों की गिरावट के साथ 11,376.37 पर और स्मॉलकैप 1.92 फीसदी या 214.01 अंकों की तेजी के साथ 11,362.72 पर बंद हुआ। मंगलवार सात जून को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्तमान वित्त वर्ष की दूसरी दोमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा। आरबीआई ने नकदी आरक्षी अनुपात को भी चार फीसदी पर बरकरार रखा। यह भी पढ़ें: शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 45 अंक नीचे

आरबीआई ने मार्च 2017 के लिए महंगाई दर के अनुमान को 7 फीसदी पर बरकरार रखा। आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि अगले कुछ महीनों में आने वाले आंकड़े मार्च 2017 के लिए आरबीआई के सात फीसदी अनुमान पर और स्पष्टता लाएंगे। उन्होंने कहा कि सामान्य मानसून, आपूर्ति प्रबंधन के विभिन्न कदमों और इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) पोर्टल से महंगाई दर में थोड़ी नरमी आ सकती है।

राजन ने महंगाई बढ़ने के कुछ जोखिम भी बताए जैसे अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी मूल्यों में तेजी और सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का कार्यान्वयन। राजन ने कहा कि मौद्रिक नीति में उदारता जारी रखी जाएगी। आरबीआई ने देश की 2016-17 के लिए विकास दर के अनुमान को भी 7.6 फीसदी पर बरकरार रखा। राजन ने कहा कि यदि मार्च 2017 तक महंगाई दर के पांच फीसदी के दायरे में आने की संभावना प्रबल होगी तो आरबीआई मुख्य ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।