मुंबई: बैंक शेयरों पर दबाव और अमेरिका-चीन व्यापार समझौते से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से घरेलू शेयर बाजार में चार दिन से जारी तेजी बुधवार को थम गई. तिमाही नतीजों में बैंकों का एनपीए अनुमान से अधिक रहने से उनके शेयरों में गिरावट रही. बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बाद 79.90 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 41,872.73 अंक पर बंद हुआ.

इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 19 अंक यानी 0.15 प्रतिशत टूटकर 12,343.30 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन मंगलवार को नयी ऊंचाई पर बंद हुए थे. सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक में सबसे ज्यादा 5.44 प्रतिशत की गिरावट रही. इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी कमजोर हुए. इसके विपरीत, हीरो मोटोकॉर्प, टाइटन, मारुति, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, बजाज ऑटो और अल्ट्राटेक सीमेंट 2.58 प्रतिशत तक लाभ में रहे. विश्लेषकों का मानना है कि चीन और अमेरिका के मध्य पहले चरण के व्यापार समझौते से पहले अमेरिकी अधिकारियों की टिप्पणी से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि चीन के साथ बुधवार को पहले चरण का व्यापार समझौते करने जा रहे हैं. लेकिन इसमें चीन के अरबों डॉलर के सामान पर लगाए गए शुल्क को हटाने की बात नहीं है.

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जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बजट से पहले शेयर बाजारों में तेजी के बाद हाल में आए तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों में बैंकों का एनपीए अनुमान से ज्यादा रहने और खुदरा मुद्रास्फीति में तेजी से बाजार में थोड़ी नरमी आई है. बाजार आगे की दिशा तय करने के लिए तिमाही नतीजों और बजट पर नजर रखेगा. एशियाई बाजारों में शंघाई, हांगकांग, तोक्यो और सियोल के बाजार गिरावट के साथ बंद हुए. इस बीच, रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले पांच पैसे बढ़कर 70.82 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. कारोबारियों ने कहा कि घरेलू निवेशक एक ही समय पर आर्थिक गतिविधियों में ठहराव और उच्च मुद्रास्फीति की स्थिति को लेकर भी चिंतित हैं. वहीं, ब्रेंट कच्चा तेल 0.33 प्रतिशत गिरकर 64.28 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था.